इस संबंध में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 14 फरवरी 2026 को अधिवक्ता संजय कुमार सक्सेना अपनी मोटरसाइकिल से बांस पहाड़ी मार्ग से करैरा न्यायालय जाने निकले थे। सुबह करीब 11.50 बजे वीरान घाटी क्षेत्र पर रोककर बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक अधिवक्ता के भाई कुलदीप सक्सेना ने बताया कि संजय सक्सेना सिविल कोर्ट में जमीन संबंधी मामलों की पैरवी करते थे। गांव के कमलेश शर्मा के खिलाफ एक प्रकरण को लेकर उनकी रंजिश चल रही थी। वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव में भी संजय सक्सेना और सुनील शर्मा आमने.सामने थे। जिससे उनके बीच मतभेद बढ़ गए थे। ग्राम सिगदौआ में कृषि भूमि विवाद को लेकर भी तनाव था और आरोप है कि मृतक पर केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा था। जांच में खुलासा हुआ कि सुनील शर्मा और कमलेश शर्मा ने मिलकर संजय सक्सेना की हत्या की साजिश रची। उन्होंने टोरियाकला निवासी सचिन रावत से संपर्क किया और 10 लाख रुपए की सुपारी तय की। इसमें 2 लाख रुपए एडवांस दिए गए थे, जबकि शेष 8 लाख रुपए वारदात के बाद दिए जाने थे। सचिन रावत ने हत्या को अंजाम देने के लिए तीन शूटरों को लगाया। इनमें चांदपुर ग्वालियर निवासी पपेन्द्र रावत, घूघसी दतिया निवासी राजकुमार उर्फ गोलू रावत तथा जहीर खान शामिल थे। प्रत्येक शूटर को 40-40 हजार रुपए दिए गए थे। तीनों ने मिलकर अधिवक्ता को गोली मारी थी।