जबलपुर। मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष अटल उपाध्याय ने नवीन नियुक्तियों में प्रोबेशन पीरियड के दौरान वेतन कटौती पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों से 100% काम लिया जा रहा है, लेकिन वेतन पहले साल 70%, दूसरे साल 80% और तीसरे साल 90% ही दिया जा रहा है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत श्रीवास्तव और महामंत्री जितेंद्र सिंह ने शासन को पत्र लिखकर इस विसंगति को दूर करने और काटी गई राशि के भुगतान के आदेश जारी करने की मांग की है।
25 हजार कर्मचारी प्रभावित
प्रदेश प्रवक्ता अनिल भार्गव (वायु) के अनुसार, प्रदेश के करीब 25 हजार कर्मचारी इस समस्या से जूझ रहे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के 12 दिसंबर 2019 के परिपत्र के कारण तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पूर्ण वेतन और वेतन वृद्धि के लाभ से वंचित रखा जा रहा है। संघ का तर्क है कि 'समान कार्य-समान वेतन' के सिद्धांत के तहत नियुक्ति के पहले दिन से ही पूर्ण वेतन मिलना चाहिए। इस संबंध में अटल उपाध्याय, देवेंद्र पचौरी, आलोक अग्निहोत्री, योगेन्द्र मिश्रा, अर्जुन सोमवंशी, सुशील गुप्ता, राजा राम डहरिया, रजनीश पांडेय, परशुराम तिवारी, विनय नामदेव, अजय दुबे, राहुल पांडेय और अरुण पटेल ने शासन से मांग की है कि प्रोबेशन अवधि के दौरान रोकी गई अंतर राशि का एरियर के रूप में एकमुश्त भुगतान किया जाए और तीन वर्ष की अवधि की तीन रुकी हुई वेतन वृद्धियों का लाभ तत्काल दिया जाए।
