लाइन से थानों में लौटेंगे निरीक्षक, उप-निरीक्षकों को भी मिल सकती है कमान
जबलपुर। शहर की कानून व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से जबलपुर पुलिस विभाग में एक बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय द्वारा जिले के थाना प्रभारियों के कामकाज की समीक्षा के बाद अब तबादलों की सूची लगभग तैयार कर ली गई है। सूत्रों के अनुसार, एक सप्ताह के भीतर आधे दर्जन से अधिक थाना प्रभारियों को उनके वर्तमान थाने से हटाकर नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
प्रदर्शन के आधार पर तैयार हो रही सूची
वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा वर्तमान में पदस्थ प्रभारियों के कार्यों का बारीकी से मूल्यांकन किया जा रहा है। विशेष रूप से नशा, जुआ-सट्टा और अपराधियों की धरपकड़ जैसे मामलों में थानों के प्रदर्शन को आधार बनाया गया है। जिन प्रभारियों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है, उन्हें पुलिस लाइन भेजा जा सकता है, जबकि पुलिस लाइन में प्रतीक्षारत कुछ अनुभवी निरीक्षकों को मुख्य थानों की कमान मिलने की चर्चा है। खबर है कि इस फेरबदल से शहर के 4 और ग्रामीण क्षेत्र के 3 थाने सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।
उप-निरीक्षकों को भी मिलेगी थानों की कमान
इस बार के फेरबदल में केवल निरीक्षक ही नहीं, बल्कि उप-निरीक्षकों और कार्यवाहक उप-निरीक्षकों के भाग्य का भी फैसला होगा। पुलिस लाइन से कुछ योग्य उप-निरीक्षकों को चौकियों या छोटे थानों का प्रभार दिए जाने की संभावना है। साथ ही, ट्रैफिक थाने में पदस्थ कुछ सूबेदारों और हाल ही में क्राइम ब्रांच से हटाए गए पुलिसकर्मियों को भी उनकी दक्षता के अनुसार नई शाखाओं में पदस्थ किया जा सकता है।
सिफारिशों का दौर भी शुरू
तबादलों की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। मनचाहा थाना पाने या वर्तमान थाने में टिके रहने के लिए कई निरीक्षक और अधिकारी अब नेताओं और रसूखदारों की शरण में पहुंच रहे हैं। जिले की राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों पर सिफारिशों का भारी दबाव है, लेकिन एसपी द्वारा स्पष्ट संकेत दिए गए हैं कि केवल योग्यता और फील्ड रिपोर्ट के आधार पर ही पदस्थापना की जाएगी।
