जबलपुर। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और शिक्षा व्यवस्था के गिरते स्तर पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। डिंडोरी निवासी किसान लोक सिंह द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कोर्ट ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए सरकार को हलफनामे पर पूरी जानकारी पेश करने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने पूछा- प्रदेश में कितने स्कूल और कितने पद खाली
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से स्पष्ट जानकारी मांगी है कि पूरे प्रदेश में कुल कितने सरकारी स्कूल संचालित हैं और उनमें शिक्षकों के कितने पद वर्तमान में रिक्त हैं। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक न होना 'शिक्षा के अधिकार कानून' का सीधा उल्लंघन है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार को विस्तृत हलफनामा दायर करने को कहा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी को तय की गई है।
डिंडोरी और जबलपुर के बदहाल स्कूलों का दिया हवाला
जनहित याचिका में प्रदेश के दूरस्थ जिलों के साथ-साथ मुख्य शहरों की स्थिति पर भी प्रकाश डाला गया है। याचिका के अनुसार, अकेले डिंडोरी जिले में 102 सरकारी स्कूल ऐसे हैं जो बिना किसी शिक्षक के संचालित हो रहे हैं। वहीं, संस्कारधानी जबलपुर की स्थिति भी चिंताजनक है, जहाँ शिक्षकों की कमी के कारण 54 स्कूल बंद होने की कगार पर पहुँच चुके हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि शिक्षकों के अभाव में गरीब बच्चों का भविष्य अंधकार में है और सरकार बुनियादी शिक्षा के दावों पर विफल साबित हो रही है।
