जबलपुर। सिहोरा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ शराब माफियाओं ने सरकारी बिल्डिंग को ही अपना ठिकाना बना लिया। सिहोरा के धनगवां स्थित सरकारी पशु चिकित्सालय में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अवैध कच्ची शराब और महुआ लाहन जब्त किया है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आबकारी विभाग की टीम ने धनगवां पशु चिकित्सालय की पुरानी बिल्डिंग में दबिश दी। यहाँ तलाशी के दौरान विभाग को बड़ी मात्रा में शराब बनाने की सामग्री मिली। टीम ने मौके से लगभग 1050 लीटर महुआ लाहन बरामद किया, जो 70 प्लास्टिक के डिब्बों में भरकर स्टॉक किया गया था। इसके साथ ही 25 लीटर बनी हुई कच्ची शराब भी जब्त की गई। आबकारी विभाग ने बरामद कच्ची शराब और महुआ लाहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया है। सरकारी परिसर में इस तरह का अवैध कारोबार चलने से विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल आबकारी विभाग ने मामला दर्ज कर लिया है और पशु चिकित्सालय के कर्मचारियों की मिलीभगत की जांच शुरू कर दी है। विभाग का मानना है कि अस्पताल स्टाफ की जानकारी के बिना इतने बड़े स्तर पर अवैध भंडारण संभव नहीं है।
जबलपुर। सिहोरा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ शराब माफियाओं ने सरकारी बिल्डिंग को ही अपना ठिकाना बना लिया। सिहोरा के धनगवां स्थित सरकारी पशु चिकित्सालय में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अवैध कच्ची शराब और महुआ लाहन जब्त किया है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आबकारी विभाग की टीम ने धनगवां पशु चिकित्सालय की पुरानी बिल्डिंग में दबिश दी। यहाँ तलाशी के दौरान विभाग को बड़ी मात्रा में शराब बनाने की सामग्री मिली। टीम ने मौके से लगभग 1050 लीटर महुआ लाहन बरामद किया, जो 70 प्लास्टिक के डिब्बों में भरकर स्टॉक किया गया था। इसके साथ ही 25 लीटर बनी हुई कच्ची शराब भी जब्त की गई। आबकारी विभाग ने बरामद कच्ची शराब और महुआ लाहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया है। सरकारी परिसर में इस तरह का अवैध कारोबार चलने से विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल आबकारी विभाग ने मामला दर्ज कर लिया है और पशु चिकित्सालय के कर्मचारियों की मिलीभगत की जांच शुरू कर दी है। विभाग का मानना है कि अस्पताल स्टाफ की जानकारी के बिना इतने बड़े स्तर पर अवैध भंडारण संभव नहीं है।
