जबलपुर। मध्य प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार के ऊर्जा विभाग ने 'समाधान योजना 2025-26' के प्रथम चरण की समय-सीमा को एक महीने के लिए आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। पहले यह योजना 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रही थी, लेकिन अब उपभोक्ता 31 जनवरी 2026 तक इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।ऊर्जा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड ने उपभोक्ताओं के उत्साह और उनकी सक्रिय सहभागिता को देखते हुए समय-सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था। राज्य शासन ने इस प्रस्ताव पर विचार करने के बाद इसे मंजूरी दे दी है। इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य उन उपभोक्ताओं को एक और मौका देना है जो किसी कारणवश अब तक अपने बकाया बिजली बिलों का निपटारा नहीं कर पाए थे।
1 फरवरी से शुरू होगा दूसरा चरण,शर्तें रहेंगी यथावत
सरकार ने स्पष्ट किया है कि समाधान योजना का द्वितीय चरण 1 फरवरी 2026 से प्रभावी होगा। प्रथम चरण की अवधि बढ़ने से उन हजारों उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा जो अपने पुराने बकाया पर छूट प्राप्त करना चाहते हैं। विभाग ने निर्देश दिया है कि योजना के अन्य सभी नियम और शर्तें पहले की तरह ही लागू रहेंगी, उनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।ऊर्जा विभाग के उप सचिव द्वारा जारी इस पत्र में प्रदेश की सभी विद्युत वितरण कंपनियों को आवश्यक निर्देश जारी करने के लिए कहा गया है। बिजली कंपनियों को निर्देशित किया गया है कि वे मैदानी स्तर पर इस वृद्धि की जानकारी उपभोक्ताओं तक पहुँचाएं ताकि अधिक से अधिक लोग समाधान योजना के तहत अपने बिलों का भुगतान कर डिफ़ॉल्टर की श्रेणी से बाहर आ सकें। इस निर्णय से न केवल उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि बिजली कंपनियों के राजस्व संग्रहण में भी सुधार होने की उम्मीद है।
