बताया गया है कि निवाली के जनजातीय कार्य विभाग के एकलव्य आदिवासी गल्र्स हॉस्टल की है। इस हॉस्टल में रहकर छात्रा 9 वीं कक्षा पढ़ रही थी। छात्रा ने बीती रात 9 बजे के लगभग खाना खाया, इसके बाद सभी छात्राएं अपने अपने कमरे में चली गई। देर रात छात्रा ने खिड़की में फंदा बनाकर फांसी लगा ली। छात्रा को फांसी के फंदे पर लटकते देख हड़कम्प मच गया, देखते ही देखते अधिकारियों से लेकर अन्य लोग पहुंच गए। खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी भी आ गए, जिन्होने शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम कर लिया है। वहीं दूसरी ओर परिजनों ने हादसे पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रा का निर्धारित कमरा दूसरा था। जबकि उसने किसी और कमरे में फांसी लगाई है। इससे छात्रावास प्रबंधन पर कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं। नाबालिग छात्रा के पिता ने बताया कि वे खेती-किसानी का काम करते हैं। उनकी बेटी की उम्र 15 साल थी। एकलव्य आदर्श छात्रावास पुरुषखेड़ा में कक्षा 6वीं से लेकर वर्तमान में कक्षा 9वीं की पढाई कर रही थी। छात्रावास के एक अधिकारी से बात हुईए जिन्होंने भी आत्महत्या की बात कही और जल्द पहुंचने को कहा। इसके बाद वे अपने परिवार और आसपास के एक.दो गांव के लोगों के साथ तत्काल एकलव्य आदर्श छात्रावास पुरुषखेड़ा पहुंचे।