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ग्रिड फेलियर से निपटने की तैयारी: ट्रांसको की 'ब्लैक स्टार्ट' मॉक ड्रिल सफल


जबलपुर।
मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने प्रदेश की बिजली सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों को और मजबूत करते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने शिवपुरी जिले में स्थित 132 केवी करेरा उपकेन्द्र के माध्यम से मड़ीखेड़ा जल विद्युत गृह का 'ब्लैक स्टार्ट' मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न किया। यह अभ्यास जबलपुर स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर की देखरेख में किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रिड फेल होने (ब्लैकआउट) जैसी आपात स्थिति में बिना किसी बाहरी बिजली आपूर्ति के विद्युत उत्पादन शुरू करना और बिजली की त्वरित बहाली सुनिश्चित करना था।

क्या है ब्लैक स्टार्ट और क्यों है जरूरी

​ब्लैक स्टार्ट एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें ग्रिड फेल होने पर बिजली घर को बिना किसी बाहरी सप्लाई के, अपने स्वयं के संसाधनों (जैसे डीजल जनरेटर) से चालू किया जाता है। इस ड्रिल के दौरान मड़ीखेड़ा जल विद्युत गृह की इसी क्षमता का परीक्षण किया गया। इसके बाद 132 केवी करेरा सबस्टेशन के जरिए बिजली का चरणबद्ध ट्रांसमिशन कर यह देखा गया कि आपातकाल में बिजली को कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से बहाल किया जा सकता है। स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर के मुख्य अभियंता राजेश गुप्ता ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा और परिचालन के सभी निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन किया गया।

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