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पमरे जीएम का तीनों डीआरएम को निर्देश, संरक्षा, समयपालन एवं स्पैड की घटनाएं रोकने पर खास ध्यान दें

जबलपुर. रेल परिचालन की संरक्षा, समयपालन एवं विश्वसनीयता को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पश्चिम मध्य रेल महाप्रबंधक श्रीमती शोभना बंदोपाध्याय की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर महाप्रबंधक श्री प्रमोद कुमार खत्री एवं प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी श्री प्रवीन खोराना, वरिष्ठ उप महाप्रबंधक श्री नीरज कुमार सहित मुख्यालय के अन्य विभाग के प्रमुख विभागाध्यक्ष एवं सचिव महाप्रबंधक श्री जे पी सिंह उपस्थित थे। इसके आलावा जबलपुर, भोपाल एवं कोटा के मंडल रेल प्रबंधक भी वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े। 

  बैठक में रेलवे संरक्षा एवं सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई, जिनमें सिग्नल पासिंग एट डेंजर (स्पैड) की रोकथाम, परिचालन की समयपालन, एसेट फेल्योर की घटनाओं में कमी, यात्रियों की भीड़ का प्रभावी प्रबंधन, अमृत भारत स्टेशन योजना, दिव्यांगजन यात्रियों की सुविधाओं तथा मंडलों के बीच समन्वय प्रमुख रहे।

महाप्रबंधक ने मंडल रेल प्रबंधकों को निर्देश दिए कि समयपालन में सुधार हेतु ट्रेनों के संचालन की सतत निगरानी की जाए तथा परिचालन बाधाओं की समयबद्ध पहचान एवं त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। एसेट फेल्योर की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए ट्रैक, ओएचई, सिग्नलिंग एवं अन्य संरक्षा परिसंपत्तियों के निवारक अनुरक्षण पर विशेष बल दिया गया। स्पैड की घटनाओं की रोकथाम के लिए लोको पायलटों, गार्ड एवं परिचालन स्टाफ की नियमित काउंसलिंग, प्रशिक्षण एवं मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। 

भीड़ प्रबंधन के संबंध में यह निर्देशित किया गया कि त्योहारों, विशेष आयोजनों एवं अधिक यात्री दबाव की अवधि में स्टेशनों पर पर्याप्त स्टाफ की तैनाती, बैरिकेडिंग, कतार प्रबंधन, प्रभावी सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली तथा आरपीएफ/जीआरपी के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत जबलपुर, भोपाल एवं कोटा मंडलों के विभिन्न स्टेशनों पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। महाप्रबंधक ने निर्देश दिए कि यात्री सुविधाओं, सौंदर्यीकरण, सर्कुलेटिंग एरिया, प्लेटफॉर्म सुधार, संकेतक प्रणाली एवं अन्य स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए।

इसके अतिरिक्त, दिव्यांगजन यात्रियों की सुविधाओं से संबंधित कार्यों जैसे रैम्प, लिफ्ट, एस्केलेटर, दिव्यांग अनुकूल शौचालय, टैक्टाइल पाथ एवं साइनेज की प्रगति की भी समीक्षा की गई। महाप्रबंधक ने सभी मंडलों को निर्देशित किया कि दिव्यांगजन अनुकूल अवसंरचना को प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जाए, जिससे सभी यात्रियों को सुगम एवं सुरक्षित यात्रा अनुभव मिल सके।

बैठक में विभिन्न विकास एवं संरक्षा कार्यों की स्वीकृति एवं प्रगति की भी समीक्षा की गई। महाप्रबंधक ने निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए तथा प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग मंडल रेल प्रबंधकों के स्तर पर सुनिश्चित की जाए।

इसके अतिरिक्त, जबलपुर, भोपाल एवं कोटा मंडलों के बीच नियमित समन्वय बैठकों के आयोजन पर सहमति बनी, जिससे परिचालन, संरक्षा, सुरक्षा, समयपालन एवं विकास कार्यों से जुड़े मुद्दों पर त्वरित एवं प्रभावी निर्णय लिए जा सकें। महाप्रबंधक ने सभी मंडल रेल प्रबंधकों एवं अधिकारियों को रेलवे की संरक्षा एवं सुरक्षा प्रथम एवं समयपालन सर्वोपरि नीति को पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ लागू करने तथा यात्रियों को सुरक्षित एवं समयबद्ध रेल सेवाएँ प्रदान करने के निर्देश दिए।

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