व्यापमं घोटाला: आरोपी डॉक्टर को हाईकोर्ट से सशर्त राहत, देश छोड़ने पर रोक


जबलपुर।
मध्यप्रदेश के चर्चित व्यापमं घोटाले में आरोपी डॉ. आकांक्षा तोमर को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से बड़ी लेकिन सशर्त राहत मिली है। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस हिमांशु जोशी की खंडपीठ ने आदेश दिया है कि यदि याचिकाकर्ता ग्रामीण सेवा बॉन्ड की राशि जमा करती हैं, तो केवल जांच लंबित होने के आधार पर उन्हें एनओसी देने से नहीं रोका जा सकता। हालांकि, कोर्ट ने जांच एजेंसियों की आशंकाओं को देखते हुए उनके देश छोड़ने पर कड़ी पाबंदियां लगा दी हैं।
बॉन्ड राशि जमा करने पर मिलेगी NOC

​डॉ. तोमर ने याचिका दायर कर मांग की थी कि उन्हें बॉन्ड राशि जमा करने के बाद एनओसी प्रदान की जाए। राज्य सरकार ने इसका विरोध करते हुए तर्क दिया था कि व्यापम मामले की जांच अभी जारी है और एनओसी मिलने के बाद आरोपी निगरानी क्षेत्र से बाहर जा सकती है। इस पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति के संवैधानिक अधिकारों को केवल आशंका के आधार पर नहीं रोका जा सकता। कोर्ट ने डॉ. तोमर को 30 दिनों के भीतर ग्रामीण सेवा बॉन्ड की निर्धारित राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं।

देश छोड़ने के लिए CBI कोर्ट की अनुमति अनिवार्य

​हाईकोर्ट ने जांच की निष्पक्षता और आरोपी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई सख्त शर्तें रखी हैं। याचिकाकर्ता को अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट की प्रतियां जमा करनी होंगी। साथ ही, नजदीकी रिश्तेदारों से इंडेम्निटी बॉन्ड और दो जमानतदारों के साथ अंडरटेकिंग देनी होगी। अदालत ने साफ किया कि याचिकाकर्ता सीबीआई कोर्ट की पूर्व अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ सकेंगी। इन सभी औपचारिकताओं और कानूनी शर्तों के पूरा होने के बाद ही राज्य सरकार को एनओसी जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

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