जबलपुर में फर्जीवाड़ा कर बेंचे कॉलोनी में सैकड़ों प्लॉट, ईओडब्ल्यू ने कसा शिकंजा


सरकारी नाले और ग्रीन बेल्ट पर कब्जा कर बनाई कॉलोनी, ईओडब्ल्यू ने 7 बिल्डरों पर दर्ज की एफआईआर

जबलपुर। संस्कारधानी के सगड़ा क्षेत्र में सरकारी जमीन और पर्यावरण नियमों को ताक पर रखकर अवैध निर्माण करने वाले 'बालाजी इंफ्रास्ट्रक्चर' फर्म के सात भागीदारों पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ  ने शिकंजा कसा है। कॉलोनाइजर ने न केवल सरकारी नाले और ग्रीन बेल्ट की भूमि पर कब्जा किया, बल्कि इस अवैध कब्जे को लक्जरी सुविधाओं  के रूप में पेश कर ग्राहकों के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी भी की। ईओडब्ल्यू की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि बिल्डरों ने शासन को लगभग 2.64 करोड़ रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाई है। इस मामले में मुख्य कॉलोनाइजर रजनीत जैन सहित फर्म के अन्य पार्टनरों के खिलाफ धारा 406, 420 और 120-बी के तहत मामला दर्ज किया गया है।

​शर्तों का उल्लंघन और 210 प्लॉट धारकों से धोखाधड़ी

​शिकायतकर्ता अहमद वाहिद द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत की जांच में पाया गया कि बालाजी इंफ्रास्ट्रक्चर ने सगड़ा में 2.985 हेक्टेयर भूमि पर 'स्वास्तिक विलास' नाम से आवासीय कॉलोनी विकसित की थी। नगर निगम और नगर तथा ग्राम निवेश विभाग द्वारा जारी अनुमतियों में स्पष्ट शर्तें थीं, लेकिन फर्म ने इन नियमों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया।

-​ब्रोशर में लुभावने वादे कर 210 ग्राहकों को प्लॉट बेचे

 बिल्डरों ने कॉलोनी के बीच से गुजरने वाले प्राकृतिक नाले और पर्यावरण संरक्षण के लिए निर्धारित ग्रीन बेल्ट की भूमि पर कब्जा कर लिया। इसी विवादित भूमि पर अवैध रूप से भव्य गार्डन, जिम, स्विमिंग पूल और रास्ते बना दिए गए, ताकि कॉलोनी की वैल्यू बढ़ाई जा सके और अधिक मुनाफा कमाया जा सके।

​सरकारी जमीन पर बनाया मकान, 63 लाख में बेचा

​जांच में यह भी सामने आया कि बिल्डरों ने बेशर्मी की हदें पार करते हुए नाले की जमीन पर मकान नंबर G-06 का निर्माण कर उसे 63 लाख रुपये में बेच दिया। ईओडब्ल्यू के अनुसार, नाले के जिस 0.12 हेक्टेयर हिस्से पर कब्जा किया गया है, उसकी वर्तमान सरकारी कीमत ही 2.64 करोड़ रुपये है।

-​इन पर दर्ज हुआ मामला

ईओडब्ल्यू ने इस जालसाजी में शामिल रजनीत जैन, नितिन जैन, अपूर्व सिंघई, पंकज गोयल और भोपाल निवासी श्याम राठौर, श्रद्धा ममतानी व शिल्पा राठौर को आरोपी बनाया है। आरोप है कि इन सभी ने मिलकर न केवल सरकारी संपत्ति को हड़पा, बल्कि आम जनता की जमा-पूंजी के साथ भी खिलवाड़ किया। इस कार्रवाई के बाद से शहर के अन्य अवैध कॉलोनाइजरों में हड़कंप मचा हुआ है।

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