मैथ्स की क्लास में एक टीचर और दो छात्र, बाकी विभागों में शनिवार को अघोषित अवकाश


रादुविवि में कुलगुरु की सख्ती फेल: शनिवार को आरडीयू के कई विभागों में नहीं खुले ताले

जबलपुर।रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में अनुशासन का दावा हवा-हवाई साबित हो रहा है। कुलगुरु प्रोफेसर राजेश वर्मा की बार-बार की सख्ती के बाद भी शनिवार को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विभागों के हालात में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला। आलम यह रहा कि अधिकांश विभागों में 'अघोषित अवकाश' जैसी स्थिति बनी रही और शिक्षण कार्य पूरी तरह ठप रहा। उच्च शिक्षा विभाग के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रशासनिक कार्य भले ही 5 दिवसीय हों, लेकिन शैक्षणिक गतिविधियां शनिवार को भी अनिवार्य रूप से संचालित होनी चाहिए, मगर विश्वविद्यालय में इन नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

पड़ताल में खुली पोल: कई विभागों में छाया रहा सन्नाटा

​शनिवार सुबह जब विश्वविद्यालय के राजशेखर भवन स्थित विभागों का जायजा लिया गया, तो वहां का नजारा बेहद निराशाजनक था। हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, समाज शास्त्र और अर्थशास्त्र जैसे प्रमुख विभागों के मुख्य द्वारों पर ताले लटके हुए थे। पड़ताल में पाया गया कि कुछ विभागों में भृत्य तो मौजूद थे, लेकिन शिक्षक और विद्यार्थी पूरी तरह नदारद रहे। उदाहरण के तौर पर बीएड विभाग में भृत्य तो बैठा मिला, मगर क्लास रूम खाली पड़े थे। इसी तरह गणित विभाग में केवल एक शिक्षक और दो छात्र ही नजर आए, जबकि शेष स्टाफ अनुपस्थित था। लॉ डिपार्टमेंट में भी सुबह से ही कोई हलचल नहीं देखी गई, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि शनिवार को न आने के निर्देश पहले ही दे दिए गए थे।


लापरवाही पर कुलगुरु सख्त, मांगा जाएगा जवाब

​विश्वविद्यालय के भीतर पनप रही इस कार्यसंस्कृति पर कुलगुरु प्रो. राजेश वर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि शनिवार को कक्षाएं न लगाना उच्च शिक्षा विभाग की मंशा के विरुद्ध है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जिन शैक्षणिक भवनों और विभागों में ताले लटके पाए गए हैं, उनसे विधिवत जानकारी मांगी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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