यह फैसला पिपलौदा तहसील के पंचेवा में पंचों व ग्रामीणों की हुई बैठक में लिया गया। इसक बात की खबर मिलते ही जावरा एसडीएम सुनील जायसवाल ने पिपलौदा जनपद सीईओ बह्म स्वरूप हंस को गांव भेजा। जिन्होनेे ग्रामीणों से बात की, साथ ही इस फैसले को लेकर प्रशासन के अधिकारियों ने कार्यवाही की बात कही। खबर है कि समस्त ग्रामवासी पंचेवा द्वारा यह फैसला लिया है कि पंचेवा में जो भी युवक-युवती भाग कर शादी करने पर उसके व उसके परिवार पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। यहां तक कि लव मैरिज पर गांव में सामाजिक बहिष्कार के नियम भी बनाए गए है। जिसमें भागकर/लव मैरिज करने वाले लड़का-लड़की के परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। ऐसे परिवार को किसी भी सामाजिक या पारिवारिक कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया जाएगा। उस परिवार को किसी तरह का काम नहीं दिया जाएगा। काम देने वालों पर भी सामाजिक प्रतिबंध होगा। परिवार से दूध या अन्य सामग्री का लेन.देन पूरी तरह बंद रहेगा। उनके खेत को कोई भी व्यक्ति लीज पर नहीं लेगा। उस परिवार के घर पंडित, नाई या अन्य कोई सेवा देने नहीं जाएगा। विवाह कराने वाले व्यक्ति, गवाह या उसमें शामिल होने वालों का भी बहिष्कार किया जाएगा। लव मैरिज करने वाले दंपती को गांव में संरक्षण देने वाले व्यक्ति का भी बहिष्कार किया जाएगा।