लोकतंत्र में 'अस्वीकार्य' हैं बरैया के शब्द: अश्वनी परांजपे ने कांग्रेस से पूछा, क्या यही है सामाजिक न्याय,देखें वीडियो


जबलपुर।
कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया द्वारा हाल ही में दिए गए विवादित बयान को लेकर मध्य प्रदेश में सियासी पारा चढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी परांजपे ने जबलपुर में एक पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बरैया के बयान को महिलाओं और एससी-एसटी समाज के प्रति कांग्रेस की "बीमार, विकृत और आपराधिक सोच" का परिचायक बताया है। परांजपे ने कहा कि महिला कोई वस्तु या प्रदर्शन की चीज नहीं, बल्कि सम्मान और स्वाभिमान की प्रतीक है। पत्रकार वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष श्री रत्नेश सोनकर, महिला मोर्चा नगर अध्यक्ष श्रीमती रूपा राव, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य श्रीमती अर्चना अग्रवाल, जिला मीडिया प्रभारी श्रीकान्त साहू, रवि शर्मा, चित्रकान्त शर्मा उपस्थित थे।

कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी पर उठाए सवाल


अश्वनी परांजपे ने सीधे तौर पर कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को घेरते हुए सवाल किया कि क्या विधायक बरैया की यह मानसिकता पार्टी की शीर्ष नेत्रियों सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी की भी सोच है? उन्होंने पूछा कि इतने गंभीर और अपमानजनक बयान पर अब तक शीर्ष नेतृत्व चुप क्यों है? भाजपा ने यह भी चिंता जताई कि क्या कांग्रेस संगठन में काम करने वाली महिलाएं, विशेष रूप से दलित समाज की बहनें, अपनी ही पार्टी के नेताओं के बीच सुरक्षित महसूस करती हैं? परांजपे के अनुसार, यह बयान न केवल महिला विरोधी है, बल्कि संविधान और मानवता का भी अपमान है।

राहुल गांधी और जीतू पटवारी से मांगा जवाब

​भाजपा महिला मोर्चा की ओर से मांग की  गयी कि जब तक फूल सिंह बरैया को पार्टी से निष्कासित नहीं किया जाता और वे सार्वजनिक माफी नहीं मांगते, तब तक कांग्रेस को सामाजिक न्याय की बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। चूंकि राहुल गांधी वर्तमान में मध्य प्रदेश के दौरे पर हैं, भाजपा ने उनसे इस विषय पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। साथ ही, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ नेता उमंग सिंघार से भी जवाब मांगा गया है कि क्या वे बरैया के इस बयान का समर्थन करते हैं या उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करेंगे।

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