कोटा। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा रेलवे माल डिब्बा मरम्मत कारखाना (वर्कशॉप) प्रशासन ने परिसर के भीतर बीड़ी, सिगरेट और अन्य धूम्रपान उत्पादों के सेवन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने यह सख्त कदम कार्यशाला में लगातार हो रही आगजनी की घटनाओं के बाद उठाया है।
उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर पुरुषोत्तम मीणा द्वारा सोमवार 12 जनवरी को जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि वर्कशॉप में बड़े पैमाने पर गैस और अन्य अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग किया जाता है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में मामूली सी चिंगारी या जलती हुई बीड़ी-सिगरेट बड़े विस्फोट का कारण बन सकती है। इससे न केवल रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुँच सकता है, बल्कि कर्मचारियों की जान को भी गंभीर खतरा हो सकता है।
कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासन ने आदेश में चेतावनी दी है कि यदि कोई रेलवे कर्मचारी या ठेका श्रमिक कार्यशाला परिसर के भीतर धूम्रपान करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को जीरो टॉलरेंस की नीति पर रखा गया है।
इन हादसों के बाद निर्णय
पिछले दिनों गैस सिलेंडर में आग लगने से गंभीर रूप से झुलसे कर्मचारी सगीर मोहम्मद की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस हादसे के कुछ ही समय बाद दोबारा गैस सिलेंडर में आग लगने की घटना हुई। पूर्व में भी कई छोटे-बड़े हादसे सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण हो चुके हैं।
