दमोह। एमपी के दमोह स्थित रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व की झापन रेंज में पदस्थ बीटगार्ड सुंदरलाल जैन का जला हुआ शव जंगल में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। उन्हें जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। आज पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए शासकीय अस्पताल पहुंचाकर जांच शुरु कर दी है। वहीं घटना को लेकर परिजनों ने आरोप लगाया है कि सुंदरलाल की हत्या कर आग में फेंक दिया गया है।
बताया गया है कि झापन में तैनात सुंदरलाल जैन शाम जंगल में आग बुझाने गए थे,जहां पर वे आग में घिरकर बुरी तरह झुलस गए, जिससे उनकी मौत हो गई। इस बीच सुरक्षा श्रमिक धर्मेंद्र सिंह लोधी ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। धमेन्द्र तलाश करते हुए पहुंचे तो सुंदरलाल जैन का जला हुआ शव जंगल में मिला। तत्काल अधिकारियों को सूचना दी गई और उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुरक्षा श्रमिक धर्मेंद्र सिंह लोधी ने पुष्टि की कि सुंदरलाल जैन ऊपर पार बीट में आग बुझाने के लिए पहुंचे थे। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए जांच शुरु कर दी है। पुलिस का कहना है कि अभी तक यही जानकारी मिली है कि जंगल में लगी आग बुझाते समय सुंदरलाल जैन धुएं के कारण नीचे गिर गए और आग में झुलसने से उनकी मौत हो गई।
परिजनों ने लगाया है हत्या का आरोप-
मृतक सुंदरलाल जैन के चचेरे भाई हेमंत जैन ने भाई की हत्या कराने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विभागीय कर्मचारियों ने ही उनके भाई की हत्या की है। साक्ष्य मिटाने के लिए शरीर को झुलसाया गया है। सिर में गंभीर चोट है। इससे मुझे आशंका है कि मेरे भाई की हत्या की गई है। हम चाहते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
सिर पर मिले चोट के निशान-
वहीं रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के अधिकारियों का कहना है कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सागर ले जाया जा रहा है। दमोह में डॉक्टर की ओर से बताया गया है कि सिर में एक घाव है। इसकी वजह से पोस्टमॉर्टम सागर में किया जाएगा। जहां फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में जांच कर पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। परिजनों के आरोपों की भी जांच की जाएगी।