जबलपुर में मातम: टब में डूबने से मासूम की मौत, उजड़ गई हंसती-खेलती दुनिया


जबलपुर।
शहर के खटीक मोहल्ला में शनिवार को एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी, जिसने न केवल एक परिवार की खुशियां छीन लीं, बल्कि पूरे इलाके की रूह कंपा दी। यहां महज डेढ़ साल के एक मासूम बच्चे की पानी से भरे टब में डूबने से मौत हो गई। जिस घर में सुबह तक बच्चे की नन्ही किलकारियां गूंज रही थीं, वहां अब सिर्फ चीखें और सन्नाटा पसरा हुआ है। कुदरत का यह क्रूर प्रहार देख हर आंख नम है। जानकारी के अनुसार, हादसा उस वक्त हुआ जब घर के सदस्य अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे। मासूम रेंगते और खेलते हुए अचानक आंगन में रखे पानी से भरे टब के पास पहुंच गया। खेल-खेल में संतुलन बिगड़ने के कारण वह सिर के बल टब में गिर गया। घर के शोर-शराबे में बच्चे के छटपटाने की आवाज दब गई। काफी देर तक जब मासूम नजर नहीं आया, तो परिजनों की धड़कनें बढ़ीं। पूरे घर में तलाश के बाद जब पिता की नजर टब पर पड़ी, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उनका कलेजे का टुकड़ा पानी में बेसुध पड़ा था।

सावधानी हटी, जिंदगी लुटी: अभिभावकों के लिए बड़ा सबक

​हादसे के बाद आनन-फानन में बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया से इतर यह घटना समाज और अभिभावकों के लिए एक गंभीर चेतावनी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह हादसा चीख-चीख कर कह रहा है कि छोटे बच्चों के मामले में एक पल की भी लापरवाही जानलेवा हो सकती है। घर में रखी पानी की बाल्टी, टब या ड्रम जिसे हम सामान्य समझते हैं, वे नन्हे बच्चों के लिए काल बन सकते हैं। आज खटीक मोहल्ला के हर घर में मातम है और हर जुबान पर बस यही दुआ है कि ईश्वर पीड़ित माता-पिता को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति दे। यह घटना हमें याद दिलाती है कि सुरक्षा केवल बाहर नहीं, बल्कि घर के भीतर भी उतनी ही जरूरी है।

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