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हाईकोर्ट के दखल के बाद नर्सिंग भर्ती के दरवाजे पुरुषों के लिए खुले


ईसीबी ने जारी किया संशोधित विज्ञापन,13 जनवरी तक पुरूष कर सकेंगे आवेदन

जबलपुर। मध्य प्रदेश के सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में शिक्षक बनने का सपना देख रहे पुरुष उम्मीदवारों के लिए राहत भरी खबर है। हाई कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद कर्मचारी चयन मंडल ने अपने पूर्व के विज्ञापन में संशोधन कर दिया है। अब पुरुष उम्मीदवार भी इन पदों के लिए आवेदन कर सकेंगे। 16 दिसंबर को जारी भर्ती विज्ञापन में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत 286 अकादमिक पदों (40 एसोसिएट प्रोफेसर, 28 असिस्टेंट प्रोफेसर और 218 सिस्टर ट्यूटर) को 100 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिया गया था। इस फैसले को असंवैधानिक बताते हुए नौशाद अली और अन्य पुरुष उम्मीदवारों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

कोर्ट में दिए गए मुख्य तर्क

​याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विशाल बघेल ने पैरवी करते हुए संवैधानिक बिंदुओं को रखा। मध्य प्रदेश सिविल सेवा (महिलाओं की नियुक्ति के लिए विशेष उपबंध) नियम, 1997' के अनुसार महिलाओं को अधिकतम 33-35 फीसदी आरक्षण दिया जा सकता है, न कि 100 फीसदी।  केवल लिंग के आधार पर पुरुषों को भर्ती से बाहर करना संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16(2) का सीधा उल्लंघन है।  100 प्रतिशत आरक्षण 'इंद्रा साहनी' मामले में निर्धारित 50 प्रतिशत की अधिकतम आरक्षण सीमा की भी अवहेलना करता है। इंडियन नर्सिंग काउंसिल के मापदंड भी लिंग के आधार पर ऐसे भेदभाव की अनुमति नहीं देते। यह फैसला उन हजारों नर्सिंग प्रोफेशनल्स के लिए मील का पत्थर साबित होगा जो योग्यता रखने के बावजूद लिंग आधारित आरक्षण के कारण सरकारी सेवा से वंचित हो रहे थे।

अब आगे क्या है शेड्यूल

​कोर्ट की सख्ती और याचिका के निराकरण के बाद, विभाग ने अपनी गलती सुधारते हुए पुरुष उम्मीदवारों के लिए आवेदन का रास्ता साफ कर दिया है।

  • संशोधित तिथि: अब पात्र पुरुष उम्मीदवार 13 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
  • पदों का विवरण: कुल 286 पदों (एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और सिस्टर ट्यूटर) पर अब महिला और पुरुष दोनों की मेरिट के आधार पर नियुक्ति हो सकेगी।
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