
नई दिल्ली. 8वें वेतन आयोग के गठन के साथ ही 1.1 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है. जनवरी 2026 से प्रभावी होने वाले नए वेतनमान के तहत न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये और महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत के पार जाने की संभावना है.
केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर जनवरी 2026 से शुरू कर दी है. इस कदम से देश के लगभग 1.1 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन और पेंशन में बड़ी वृद्धि होने की उम्मीद है. हालांकि आयोग की अंतिम सिफारिशों को लागू होने में थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि नया वेतनमान 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी माना जाएगा.
वेतन और पेंशन में कितनी होगी बढ़ोतरी
8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद कर्मचारियों के वेतन ढांचे में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकता है. वर्तमान अनुमानों के अनुसार, कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन 18,000 से बढ़कर 26,000 रुपये तक हो सकता है. इसी तरह, पेंशनभोगियों के लिए भी राहत की खबर है. न्यूनतम पेंशन 9,000 से बढ़कर लगभग 20,500 रुपये होने की संभावना जताई जा रही है. इसके अलावा हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) और मेडिकल अलाउंस जैसे अन्य भत्तों में भी संशोधन की तैयारी है.
महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत के पार जाने के आसार
लगातार बढ़ती महंगाई के बीच केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक और सकारात्मक अपडेट सामने आया है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के ताजा आंकड़ों के अनुसार, महंगाई भत्ता अब 59.93 प्रतिशत तक पहुंच गया है. अनुमान है कि जनवरी 2026 की बढ़ोतरी के बाद यह आंकड़ा 60 प्रतिशत की सीमा को पार कर जाएगा। पिछले साल यह 58 प्रतिशत पर था. डीए में होने वाली यह वृद्धि कर्मचारियों को जीवनयापन की बढ़ती लागत से निपटने में मदद करेगी.
फिटमेंट फैक्टर पर टिकी हैं सबकी निगाहें
कर्मचारी संघों द्वारा फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने की मांग जोर-शोर से की जा रही है। वर्तमान में इसे 2.28 से 3.0 के बीच रखने का प्रस्ताव है. यदि सरकार इस उच्च फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी देती है, तो कर्मचारियों की कुल टेक-होम सैलरी में जबरदस्त उछाल आएगा.
कब लागू होगा नया नियम और एरियर का क्या होगा?
जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित यह आयोग अपनी विस्तृत रिपोर्ट अगले 18 महीनों के भीतर सौंप सकता है। प्रशासनिक देरी के बावजूद, कर्मचारियों को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि संशोधित वेतन 1 जनवरी 2026 से ही लागू होगा. इसका सीधा मतलब यह है कि देरी होने की स्थिति में कर्मचारियों को पिछले महीनों का बकाया पैसा एकमुश्त दिया जाएगा.
7वें वेतन आयोग का समापन
31 दिसंबर 2025 को 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है. भारत में आमतौर पर हर 10 साल में वेतन आयोग का गठन किया जाता है ताकि आर्थिक बदलावों और मुद्रास्फीति के अनुरूप सरकारी कर्मचारियों की क्रय शक्ति को बनाए रखा जा सके। 8वां वेतन आयोग इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.