चचाई, श्रीसिंगाजी और बिरसिंहपुर में लगेंगे सोलर प्लांट, थर्मल पावर स्टेशनों के पास पैदा होगी सौर ऊर्जा
जबलपुर। मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी (जेनको) बिजली उत्पादन की लागत कम करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी योजना पर काम कर रही है। कंपनी ने प्रदेश में तीन अलग-अलग स्थानों पर कुल 110 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट लगाने का निर्णय लिया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 550 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कंपनी के डायरेक्टर टेक्निकल सुबोध निगम के अनुसार, यह जेनको का अब तक का सबसे बड़ा सोलर पावर प्रोजेक्ट होगा। वर्तमान में कंपनी का केवल एक 7 मेगावाट का प्लांट मंदसौर के रातागुरड़िया में संचालित है। ये नए सोलर प्लांट अगले दो वर्षों के भीतर स्थापित किए जाएंगे। खास बात यह है कि इन्हें कंपनी के मौजूदा थर्मल पावर प्लांट के आसपास ही लगाया जाएगा, जिससे बुनियादी ढांचे का बेहतर उपयोग हो सके।
इन तीन स्थानों पर स्थापित होगी परियोजना
कंपनी ने सोलर प्लांट के लिए अपने तीन प्रमुख थर्मल पावर स्टेशनों का चयन किया है। जिनमें अमरकंटक ताप विद्युत गृह (चचाई) में 40 मेगावाट क्षमता,श्रीसिंगाजी ताप विद्युत गृह में 40 मेगावाट क्षमता।व बिरसिंहपुर ताप विद्युत गृह में 30 मेगावाट क्षमता वाला प्लांट शामिल है। इन परियोजनाओं के लिए कंपनी स्तर पर निविदाएं जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
पर्यावरण संरक्षण और लागत में आएगी कमी
वर्तमान में कोयले से चलने वाले थर्मल पावर प्लांट से बिजली उत्पादन न केवल महंगा पड़ता है, बल्कि इससे पर्यावरण के लिए हानिकारक गैसों का उत्सर्जन भी होता है। हालांकि, कंपनी ने प्रदूषण नियंत्रण और फ्लाई ऐश (राख) के निष्पादन के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं, लेकिन स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ना समय की मांग है। इन सोलर प्लांट के शुरू होने से न केवल कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, बल्कि आम जनता को कम कीमत पर बिजली उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
