भोपाल। मध्य प्रदेश को 36 नए डिप्टी कलेक्टर (उप जिला अध्यक्ष) मिले हैं। राज्य लोक सेवा आयोग ने 2023 और 2024 में राज्य सेवा के लिए संयुक्त परीक्षा आयोजित की थी। परिणाम के आधार पर राज्य प्रशासनिक सेवा में नियुक्ति के लिए कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि में नए डिप्टी कलेक्टरों को पदस्थ किया गया है। परिवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूरी न करने पर इस अवधि में शासन द्वारा उन पर वेतन भत्ते, अग्रिम तथा प्रशिक्षण व्यय की राशि उन्हें शासन को लौटानी होगी। इसके लिए बांड भरना होगा।
लागू होगी अंशदान पेंशन योजना
सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन सभी चयनित अभ्यर्थियों के लिए अंशदान पेंशन योजना लागू होगी। परीवीक्षाधीन अधिकारी छह फरवरी 2026 तक कार्यभार ग्रहण करेंगे और नौ फरवरी से प्रारंभ होने वाले संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यकम में सम्मिलित होने एक दिन पहले प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल में उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
प्रशिक्षण में सफल होना जरूरी, अन्यथा नियुक्ति समाप्त
यह प्रशिक्षण सबके लिए अनिवार्य होगा और इसके बाद जो विभागीय परीक्षा होगी, उसमें उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। जाति प्रमाण पत्र/ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग संबंधी प्रमाण पत्र, मूल निवासी प्रमाण पत्र का सत्यापन संबंधित जिला कलेक्टर करेंगे। इसमें कोई अभ्यर्थी अयोग्य पाया जाता है, तो उसकी नियुक्ति समाप्त की जाएगी।
इन की की गई पदस्थापना
अजीत कुमार मिश्रा, भुवनेश चौहान, यशपाल स्वर्णकार, अभिषेक जैन, अनुराग गुर्जर, प्रिया अग्रवाल, अर्पिता राय, सूरज सिंह, कल्पेश सिंघाई, अदिति जैन, अंकित उक्के, मोना दांगी, आरुषि गुप्ता,नरेंद्र सिंह मेवाडा, अक्षांश श्रीवास्तव, पंकज परमार, सिद्धार्थ मेहता, रानी अहिरवार, रश्मि कुशरे, सीमा बडोले, कृष्णपाल सिंह बघेल, शीतल ठाकुर, सोनाली डाबर, देवांशु शिवहरे, ऋषभ अवस्थी, शुभम, हर्षिता दवे, रुचि जाट, नम्रता जैन, गिर्राज परिहार, स्वर्णा दीवान, विक्रमदेव सरयाम, शिवानी सिरमाचे और जतिन कुमार ठाकुर।
