ढलान होने के कारण गाड़ी करीब 300 मीटर पीछे की ओर लुढक़ गई, जिससे हडड़कंप व अ्रफरातफरी की स्थिति बन गई। रेलवे अधिकारियों द्वारा मालगाड़ी के वैगन व इंजन को एनकेजे में खड़ा कराया गया है। यहां इनकी जांच आज शनिवार को की जाएगी।
बताया जाता है कि मालगाड़ी को मड़वासग्राम स्टेशन पर लोको पायलट गुड्स द्वारा रोका गया था। ट्रेन रोकने के कुछ दूर बाद ही अचानक ढलान होने के कारण मालगाड़ी पीछे की ओर लुढ़कने लगी। मालगाड़ी में कुल 56 वैगन थे। मालगाड़ी को ब्रेक फेल होते ही चालक और गार्ड ने सूझबूझ दिखाते हुए बार-बार ब्रेक लगाए। इसके बाद लाइन पर गिट्टी रखकर गाड़ी को रोकने का प्रयास किया गया, जिससे संभावित डिरेलमेंट टल गया। हालांकि इस दौरान रेल लाइन का प्वाइंट भी टूट गया।
टल गया बड़ा हादसा
रेलवे सूत्रों के मुताबिक यदि गाड़ी और अधिक पीछे लुढक़ती तो डिरेल होने की पूरी आशंका थी। राहत की बात यह रही कि समय रहते स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। यदि ट्रेक पर पीछे कोई यात्री ट्रेन होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
डीआरएम ने जांच कमेटी गठित की
घटना की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर मंडल द्वारा कनिष्ठ प्रशासनिक वर्ग के अधिकारियों की जांच कमेटी गठित कर दी गई है। सूचना मिलते ही सीनियर डीएसओ अमित साहनी और सीनियर डीओएम अजय शुक्ला सडक़ मार्ग से मड़वासग्राम पहुंचे और मौके पर जांच शुरू की। बताया गया है कि इंजन संख्या 27192 (खडग़पुर शेड) से संबंधित ब्रेक सिस्टम की जांच की जाएगी। इसके साथ ही वैगनों की विशेष जांच भी एनकेजे में शुरू कर दी गई है।
