नई दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आज 8 जनवरी गुरुवार सुबह से ही देश भर में एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम देते हुए हड़कंप मचा दिया है। रेलवे सहित तमाम विभागों में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे एक बड़े घोटाले की जांच के सिलसिले में जांच एजेंसी ने देश के 6 राज्यों के 15 शहरों में एक साथ छापेमारी शुरू की है।
यह कार्रवाई उस संगठित गिरोह के खिलाफ की जा रही है जो भारतीय रेलवे और डाक विभाग समेत करीब 40 सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों को ठग रहा था। ईडी के राडार पर वह मास्टरमाइंड हैं जो फर्जी नियुक्ति पत्र और कॉल लेटर जारी कर करोड़ों का वारा-न्यारा कर रहे थे।
जांच में इस गिरोह के काम करने के बेहद शातिराना तरीके का खुलासा हुआ है। ठगों ने रेलवे, वन विभाग, टैक्स डिपार्टमेंट, हाई कोर्ट, पीडब्ल्यूडी, बिहार सरकार और राजस्थान सचिवालय जैसे विभागों के नाम से फर्जी ईमेल आईडी बना रखे थे, जो देखने में बिल्कुल आधिकारिक लगते थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शिकार का भरोसा जीतने के लिए यह गैंग शुरुआत में 2 से 3 महीने तक पीडि़तों के बैंक खातों में सैलरीÓके तौर पर पैसे भी भेजता था। आरपीएफ, टीटीई और टेक्नीशियन जैसे पदों के लिए यह खेल चल रहा था, जिससे लोग आसानी से इनके जाल में फंस जाते थे।
फिलहाल ईडी की टीमें उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, गुजरात और केरल में सघन तलाशी ले रही हैं। उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के 2 स्थानों के अलावा इलाहाबाद और लखनऊ में 1-1 जगह रेड हुई है। वहीं, बिहार के मुजफ्फरपुर में एक और मोतिहारी में दो जगहों पर कार्रवाई जारी है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में 2 ठिकानों, चेन्नई, राजकोट और केरल के 4 शहरों में भी ईडी के अधिकारी दस्तावेजों को खंगाल रहे हैं ताकि इस पूरे सिंडिकेट की जड़ों को खोदा जा सके।
