जबलपुर सहित देशभर में पैसेंजर ट्रेनों में 10 कोच की जगह 20 कोच लगेेंगे, मेमू-डेमू में भी डिब्बे बढ़ेंगे

जबलपुर. रेलवे बोर्ड ने पश्चिम मध्य रेलवे सहित देश भर के सभी पैसेंजर ट्रेनों की लंबाई बढ़ाने पर सहमति दे दी है। अब पैसेंजर ट्रेनों में 10 की जगह 20 कोच लगाए जाएंगे। मेमू और डेमू ट्रेनों में भी कोचों की संख्या बढ़ाकर 8 से 12 कर दी जाएगी। बोर्ड के फैसले के बाद सभी रेलवे मंडलों को कोच बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस फैसले से लाखों कम दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर, भोपाल व कोटा मंडलों में चल रही लगभग 40 पैसेंजर ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़े जाएंगे। इससे भीड़भाड़ कम होगी और यात्रियों को यात्रा के दौरान खड़े होकर सफर करने की मजबूरी से राहत मिलेगी।

बढ़ती भीड़ से मिलेगी राहत

रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। खासकर छुट्टियों और त्योहारों के दौरान मेमू और डेमू ट्रेनों में भारी भीड़ रहती है। बड़ी संख्या में एमएसटी धारक सफर करते हैं, जिससे कई बार यात्री ट्रेनों में चढ़ भी नहीं पाते। यात्रियों की इस परेशानी को देखते हुए बोगियों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया गया है।

मेमू और डेमू ट्रेनों की ये है विशेषता 

मेमू ट्रेनें ईएमयू से ज्यादा एडवांस और पावरफुल मानी जाती हैं, जो 200 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करती हैं। इनमें टॉयलेट नहीं होते, लेकिन हर चार कोच के बाद एक पावर कार होती है, जिससे ट्रैक्शन मोटर चलती है। वहीं, डेमू ट्रेनें डीजल से चलती हैं, जिनमें पावर, ड्राइविंग और ट्रेलर कार शामिल होती हैं। इनमें जनरेटर का इस्तेमाल होता है और हर तीन कोच के बाद एक पावर कार लगाई जाती है। ये ट्रेनें तेजी से एक्सीलेरेट होती हैं, हालांकि लंबी दूरी के लिए इस्तेमाल नहीं की जाती हैं।

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