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रेलवे टिकटों की कालाबाजारी का खुलासा, कंप्यूटर सेंटर पर आरपीएफ की दबिश


बड़ी कार्रवाई:
पश्चिम-मध्य रेलवे की आरपीएफ टीम ने 'ऑपरेशन थंडर' के तहत पिपरिया खमरिया में छापेमारी कर अवैध टिकट कारोबार का किया पर्दाफाश,आरोपी कंप्यूटर संचालक गिरफ्तार

जबलपुर। पश्चिम-मध्य रेलवे के रेल सुरक्षा बल (रेसुबल) ने अवैध रेल ई-टिकटों के कारोबार के खिलाफ 'ऑपरेशन थंडर' के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पिपरिया खमरिया क्षेत्र में दबिश देकर पुलिस ने एक कंप्यूटर दुकान संचालक को गिरफ्तार किया है, जो पर्सनल यूजर आईडी का गलत इस्तेमाल कर यात्रियों को ऊंचे दामों पर टिकट बेच रहा था। आरोपी के कब्जे से हजारों रुपए के टिकट और कंप्यूटर उपकरण बरामद किए गए हैं।

​दो पर्सनल आईडी से संचालित था गोरखधंधा

​मुख्यालय से प्राप्त डेटा के आधार पर उप निरीक्षक अरविंद कुमार सिंह और उनकी टीम ने पिपरिया खमरिया स्थित 'सावी कंप्यूटर' पर छापेमारी की। जांच में पाया गया कि 46 वर्षीय संचालक संतोष कुमार उराव दो अलग-अलग पर्सनल यूजर आईडी (Sunny1796 और sultanbumm) के जरिए अवैध रूप से टिकट बुक कर रहा था। आरोपी इन आईडी का उपयोग कर अब तक कुल 25 रेल ई-टिकट जारी कर चुका था, जिनकी कुल कीमत 27,169.50 रुपए आंकी गई है। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह जरूरतमंद यात्रियों से प्रति टिकट 50 से 60 रुपए अतिरिक्त कमीशन वसूलता था।

​रेल अधिनियम के तहत मामला दर्ज, सामान जब्त

​रेसुबल ने मौके से एक पुराना सीपीयू और 25 ई-टिकट जब्त किए हैं। इन टिकटों में से 6 टिकटों पर यात्रा अभी शेष थी, जिनकी कीमत 14,229 रुपए है। आरोपी के बैंक ट्रांजेक्शन की भी गहनता से जांच की जा रही है। रेल सुरक्षा बल ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 4895/25 के तहत रेल अधिनियम की धारा 143 (अवैध टिकट व्यापार) में मामला पंजीबद्ध किया है। वर्तमान में आरोपी को बंधपत्र पर रिहा किया गया है, लेकिन मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि रेल टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए इस प्रकार की निगरानी भविष्य में भी जारी रहेगी।

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