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बीएड वाले शिक्षकों पर बर्खास्तगी की तलवार, डीपीआई ने जारी की चेतावनी



सुप्रीम कोर्ट–जबलपुर हाईकोर्ट के आदेशों का असर, सैकड़ों शिक्षकों की नौकरी दांव पर

जबलपुर। जबलपुर सहित मध्यप्रदेश में सैकड़ों बीएड योग्यताधारी नवनियुक्त प्राथमिक शिक्षकों की नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) के एक ताजा आदेश ने शिक्षा विभाग में खलबली मचा दी है। डीपीआई ने जबलपुर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि प्राथमिक शिक्षक पात्र परीक्षा वर्ष 2020 के आधार पर नियुक्त बीएड योग्यताधारी शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय-सीमा में कोर्स पूरा नहीं करने पर उनकी नियुक्ति जारी नहीं रखी जाएगी। यह आदेश जबलपुर से सीधे तौर पर जुड़ा है, क्योंकि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन में ही डीपीआई ने यह निर्देश जारी किए हैं। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने प्राथमिक स्तर पर पढ़ाने के लिए आवश्यक शैक्षणिक प्रशिक्षण को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं, जिसके तहत बीएड योग्यताधारी शिक्षकों को अतिरिक्त ब्रिज कोर्स करना जरूरी बताया गया है।

25 दिसंबर तक पंजीयन, नहीं तो कार्रवाई तय

लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिक शिक्षक पात्र परीक्षा 2020 के परिणाम के आधार पर नियुक्त बीएड योग्यताधारी शिक्षकों के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) द्वारा ब्रिज कोर्स की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संबंधित शिक्षकों को 25 दिसंबर 2025 तक एनआईओएस के पोर्टल https://bridge.nios.ac.in पर अनिवार्य रूप से पंजीयन कराना होगा। डीपीआई ने दो टूक चेतावनी दी है कि जो शिक्षक समय-सीमा में पंजीयन नहीं कराएंगे या निर्धारित अवधि में ब्रिज कोर्स उत्तीर्ण नहीं करेंगे, उनकी सेवाएं जारी नहीं रखी जा सकेंगी। विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में की जा रही है और इसमें किसी तरह की छूट संभव नहीं है। जबलपुर सहित पूरे प्रदेश में इस आदेश के बाद बीएड योग्यताधारी शिक्षकों में असमंजस और चिंता का माहौल है। कई शिक्षक इसे अपने भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए जल्द स्पष्ट दिशा-निर्देश और सहयोग की मांग कर रहे हैं, ताकि समय रहते ब्रिज कोर्स पूरा कर अपनी नौकरी सुरक्षित रख सकें।

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