फरवरी में शुरू होंगी 10वीं-12वीं की परीक्षाएं, माशिमं ने तैयार किया फुलप्रूफ प्लान
जबलपुर। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 7 फरवरी से शुरू होने वाली इन परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और नकल मुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने इस बार बेहद सख्त रुख अपनाया है। नकल माफिया और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए इस वर्ष 'उड़नदस्ता' (फ्लाइंग स्कवॉड) को पहले से अधिक शक्तिशाली बनाया गया है। नई व्यवस्था के तहत, इन टीमों में केवल शिक्षा विभाग के अधिकारी ही नहीं, बल्कि सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों और कलेक्टर प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। पुलिस बल की मौजूदगी से परीक्षा केंद्रों के बाहर जमा होने वाली भीड़ और बाहरी हस्तक्षेप पर प्रभावी रोक लग सकेगी।
तकनीक से रीयल-टाइम निगरानी
मंडल ने इस बार तकनीक का व्यापक उपयोग किया है। एक विशेष मोबाइल ऐप के जरिए प्रश्नपत्रों के पैकेट खुलने से लेकर उत्तरपुस्तिकाओं की सीलिंग तक की रीयल-टाइम ट्रैकिंग की जाएगी।
- कंट्रोल रूम: प्रदेश के सभी 3,856 केंद्रों की निगरानी के लिए आधुनिक कंट्रोल रूम बनाया गया है।
- वीडियोग्राफी व जैमर: गणित, अंग्रेजी और विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों की परीक्षा के दौरान वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी। संवेदनशील केंद्रों पर इंटरनेट के माध्यम से पेपर लीक रोकने के लिए जैमर लगाए जाएंगे।
संवेदनशील केंद्रों पर विशेष नजर
जबलपुर सहित प्रदेश भर के संवेदनशील केंद्रों पर कलेक्टर द्वारा नियुक्त विशेष पर्यवेक्षक परीक्षा से 30 मिनट पहले तैनात होंगे। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और जनवरी के पहले सप्ताह तक केंद्रों की सूची फाइनल हो जाएगी। मंडल का स्पष्ट उद्देश्य है कि मेधावी छात्रों की मेहनत के साथ कोई समझौता न हो और परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष माहौल में संपन्न हो।
