प्रदेश के उप मुख्यमंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री देवड़ा ने पेश किए विकास के आंकड़े,जबलपुर में विकास की नई गाथा: दो वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और उद्योग में बड़ी छलांग
जबलपुर। समग्र विकास की दृष्टि से जबलपुर जिले के लिए विगत दो वर्ष अत्यंत उपलब्धि भरे रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने जिले के विकास को हमेशा प्राथमिकता दी है। इन वर्षों में, सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। श्री देवड़ा ने कलेक्टर कार्यालय सभागार में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक के बाद मीडिया से बात की। इस अवसर पर सभी विधायक व अधिकारी मौजूद रहे।
मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं बनीं जिले का गौरव
जबलपुर ने इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं,
- रानी दुर्गावती एलिवेटेड कॉरिडोर: लगभग 1232 करोड़ रुपये की लागत से बने प्रदेश के सबसे लंबे फ्लाईओवर, दमोह नाका-मदनमहल एलिवेटेड कॉरिडोर (करीब सात किलोमीटर लंबा), का लोकार्पण 23 अगस्त को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। इसे वीरांगना रानी दुर्गावती का नाम दिया गया है।
- केबल स्टे पुल: लम्हेटाघाट में नर्मदा नदी पर 177.13 करोड़ रुपये की लागत से 749 मीटर लंबे उच्च स्तरीय केबल स्टे पुल का निर्माण किया जा रहा है।
- सड़क और कनेक्टिविटी: पिछले दो वर्षों में लोक निर्माण विभाग द्वारा 1,609 करोड़ रुपये की लागत से 450.45 किलोमीटर सड़क निर्माण के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा, जबलपुर को देश की दूसरी सबसे बड़ी रिंग रोड से जोड़ने वाले चार मार्गों का ₹315.48 करोड़ से चौड़ीकरण कर फोरलेन सड़कें बनाई जा रही हैं।
विरासत का संरक्षण और पर्यटन विकास
सरकार विकास के साथ-साथ विरासत को भी संजोने का काम कर रही है।
- गोंडवाना गौरव: मंत्रिपरिषद की पहली बैठक जबलपुर में आयोजित की गई। इस बैठक में मदन महल की पहाड़ी पर वीरांगना रानी दुर्गावती का भव्य स्मारक बनाने का निर्णय लिया गया।
- संग्रहालय का लोकार्पण: सन 1857 की क्रांति के नायक राजा शंकर शाह-कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान स्थल पर संग्रहालय का निर्माण किया गया, जिसका वर्चुअली लोकार्पण प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 15 नवम्बर 2024 को जनजातीय गौरव दिवस पर किया था।
- गौरीघाट सौंदर्यीकरण: मां नर्मदा के तट पर बसे गौरीघाट में सरयू नदी के तट की तर्ज पर घाटों के विकास और सौंदर्गीकरण की बड़ी कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
रोजगार एवं औद्योगिक प्रोत्साहन
जिले में उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं:
- पूंजी निवेश: उमरिया-डुंगरिया और हरगढ़ औद्योगिक क्षेत्रों में विगत 2 वर्षों में कुल 24 एमएसएमई इकाईयों द्वारा उत्पादन आरंभ किया गया है, जिससे 49 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश हुआ और 327 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान किया गया है।
- उद्यम क्रांति: मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत 727 युवाओं को स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए बैंकों के माध्यम से 47 करोड़ 30 लाख 38 हजार रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया。
स्वच्छता में राष्ट्रीय पहचान
नगर निगम जबलपुर ने स्वच्छता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है:
- स्वच्छ सर्वेक्षण-2024: नगर निगम जबलपुर को स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में देश के पाँचवे सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार प्राप्त हुआ। इसे सेवन स्टार रैंकिंग, वॉटर प्लस, और फ्री गार्बेज सिटी का दर्जा भी मिला है।
- वायु गुणवत्ता: वायु गुणवत्ता में जबलपुर को देश में दूसरा तथा प्रदेश में पहला स्थान हासिल हुआ है।
किसानों को मिली सुविधा
किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए नवाचार किए गए हैं:
- ई-टोकन उर्वरक प्रणाली: उर्वरक वितरण के लिए जबलपुर जिले को पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है। इसके तहत 33 हजार से अधिक किसानों को बिना लाइन में लगे उर्वरक प्राप्त किया जा चुका है।
- जैविक हाट: जैविक उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए जबलपुर कृषि उपज मंडी में प्रत्येक रविवार को साप्ताहिक जैविक हाट प्रारंभ किया गया है।
सामाजिक सुरक्षा और कल्याण
- लाडली बहना: मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के अंतर्गत जिले की 3 लाख 89 हजार 757 महिलाओं को दो वर्षों में 973.31 करोड़ रुपये की राशि उनके खाते में अंतरित की गई है।
- छात्रवृत्ति: पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत दो वर्षों में 58 हजार 814 छात्रों को 113 करोड़ 05 लाख रूपये की छात्रवृत्ति राशि का वितरण किया गया।
