लापरवाही पड़ी भारी: विक्टोरिया अस्पताल कांड में डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस


नसबंदी शिविर में संवेदनहीनता, शहपुरा-बरगी के चिकित्सा अधिकारियों पर कार्रवाई

जबलपुर।  जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहाँ महिला नसबंदी शिविर के दौरान मानवता को ताक पर रख दिया गया। जिला अस्पताल विक्टोरिया में आयोजित इस शिविर में महिलाओं को कड़कड़ाती ठंड के बीच जमीन पर बिछाए गए दरी-चटाई पर बैठने को मजबूर किया गया। इस बदइंतजामी की खबर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय मिश्रा ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए शाहपुरा और बरगी के चिकित्सा अधिकारियों को 'कारण बताओ' नोटिस जारी किया है। अधिकारियों से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

नियमों की धज्जियां उड़ीं

 जानकारी के अनुसार, 27 दिसंबर को आयोजित इस शिविर में नियमों का जमकर उल्लंघन हुआ। राज्य स्तर से स्पष्ट निर्देश हैं कि एक नसबंदी शिविर में अधिकतम 30 केस ही लिए जाने चाहिए, ताकि मरीजों की देखभाल ठीक से हो सके। इसके विपरीत, शाहपुरा और बरगी क्षेत्र से एक साथ 139 महिलाएं ऑपरेशन के लिए भेज दी गईं। अस्पताल में न तो पर्याप्त बेड की व्यवस्था थी और न ही स्ट्रेचर की। ऑपरेशन के बाद महिलाओं को कड़ाके की ठंड में जमीन पर बिछी दरी पर लिटा दिया गया, जो स्वास्थ्य मानकों के साथ-साथ मानवीय गरिमा का भी अपमान है। कलेक्टर ने भी इस घटना पर भारी नाराजगी व्यक्त की है।

कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

​ नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यह कृत्य 'मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम' का उल्लंघन है। यदि तीन दिनों में संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने अब भविष्य में ऐसे शिविरों के लिए सख्त प्रोटोकॉल लागू करने का संकेत दिया है।

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