प्रदेश ने बनाया नया रिकॉर्ड : पहली बार बिजली की मांग 19 हजार मेगावॉट के पार, 19,113 मेगावॉट की निर्बाध आपूर्ति
जबलपुर। मध्यप्रदेश ने आज ऊर्जा क्षेत्र में ऐतिहासिक सफलता दर्ज करते हुए पहली बार 19 हजार मेगावॉट से अधिक बिजली मांग को बिना किसी व्यवधान के पूरा किया। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि 12 दिसंबर 2025 को सुबह 10:50 बजे प्रदेश में 19,113 मेगावॉट की अब तक की सर्वाधिक मांग दर्ज हुई, जिसे पूरी तरह स्थिर आपूर्ति के साथ पूरा किया गया। इससे पूर्व 9 दिसंबर 2025 को राज्य ने 18,971 मेगावॉट की मांग पूरी कर नया रिकॉर्ड बनाया था, जबकि रबी सीजन में 20 दिसंबर 2024 को दर्ज 18,913 मेगावॉट ही अधिकतम मांग थी।
ऊर्जा मंत्री ने दी बिजली कर्मचारियों को बधाई
मंत्री तोमर ने बताया कि अधिकतम मांग के दौरान ट्रांसमिशन लाइनों, पावर हाउसों और सबस्टेशनों पर लगातार निगरानी रखी गई। सभी बिजली कंपनियों के बीच उत्कृष्ट समन्वय और प्रबंधन के कारण कहीं भी बिजली बाधित नहीं हुई। उन्होंने इसे “टीम वर्क और तकनीकी उत्कृष्टता का परिणाम” बताते हुए विद्युत कार्मिकों को बधाई दी।
इस तरह पूरी हुई इतनी बड़ी मांग
एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता प्रदीप सचान ने बताया कि बेहतर वितरण प्रबंधन और मजबूत ग्रिड सिस्टम के कारण किसी भी क्षेत्र में वोल्टेज या लोड संबंधी समस्या नहीं आई।यह उपलब्धि प्रदेश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बनाती है।0अधिकतम डिमांड के दौरान प्रदेश को निम्न स्रोतों से बिजली प्राप्त हुई...
- ताप विद्युत गृह – 3,798 मेगावाट
- जल विद्युत गृह – 909 मेगावाट
- नवकरणीय ऊर्जा स्रोत – 1,699 मेगावाट
- बैंकिंग – 2,250 मेगावाट
- अन्य स्रोत (एनटीपीसी सहित) – 10,457 मेगावाट
