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रादुविवि का कमाल, फर्स्ट ईयर के ढेरों छात्रों को दे दिया ज़ीरो

 


रादुविवि परीक्षा विभाग की कार्यशैली पर फिर उठे सवाल

जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (रादुविवि) के परीक्षा एवं गोपनीय विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर विवादों में है। नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा स्थित महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज के फर्स्ट ईयर के सैकड़ों छात्रों का परीक्षा परिणाम शून्य आने से शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मेहनत और तैयारी के बावजूद सभी परीक्षार्थियों को ज़ीरो अंक मिलना छात्रों और अभिभावकों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है।

यह है पूरा मामला

कॉलेज के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने पूरे सत्र परिश्रम कर अपनी परीक्षाएँ दी थीं, लेकिन परिणाम जारी होने पर वे स्तब्ध रह गए। कई विद्यार्थियों को सभी विषयों में शून्य अंक दे दिए गए, जबकि कई ऐसे छात्र भी हैं जिनकी उपस्थिति दर्ज थी, फिर भी परिणाम में उन्हें ‘अनुपस्थित’ बताया गया। इससे छात्रों में रोष बढ़ रहा है और वे इसे मूल्यांकन प्रक्रिया की गंभीर त्रुटि मान रहे हैं।

कॉलेज और रादुविवि के बीच झूल रहे छात्र

परिणाम सामने आने के बाद विद्यार्थी अपने कॉलेज और रादुविवि परीक्षा विभाग के बीच लगातार चक्कर लगा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि यह स्थिति नई नहीं है। इससे पहले भी इधर ऐसे ही लापरवाहीपूर्ण परिणाम सामने आए थे। मामले को लेकर एनएसयूआई के छात्र नेता भी आवाज उठा चुके हैं और अब एक बार फिर विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं।

कॉलेज प्रबंधन ने जिम्मेदारी रादुविवि पर डाली

कॉलेज प्रिंसिपल का कहना है कि उनकी भूमिका सिर्फ पढ़ाई कराने और परीक्षा दिलवाने तक सीमित है। उन्होंने बताया कि परीक्षा की कॉपियां विश्वविद्यालय को भेज दी जाती हैं और मूल्यांकन तथा परिणाम जारी करने की पूरी जिम्मेदारी रादुविवि की होती है। प्रिंसिपल का सवाल है कि जब उपस्थित छात्र ‘अनुपस्थित’ दिखाए जा रहे हैं और पढ़ने वाले छात्रों को ‘ज़ीरो’ अंक मिल रहे हैं, तो आखिर यह गलती कैसे संभव है? छात्र अब सुधार की उम्मीद में आवेदन दे रहे हैं, लेकिन लगातार सामने आ रहे ऐसे प्रकरण रादुविवि की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रहे हैं।

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