कोटा। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा में एक लोको पायलट साइबर ठगी का शिकार हो गया है। ठगों ने महज 5 मिनट के अंदर लोको पायलट के दो अलग-अलग बैंक खातों से लगभग दो लाख रुपए (1,96,000) उड़ा लिए। हैरानी की बात यह है कि इस पूरी वारदात को ठगों ने बिना किसी ओटीपी या फोन कॉल के अंजाम दिया। पीडि़त लोको पायलट ने मामले की शिकायत साइबर थाने में दर्ज करवाई है।
लोको पायलट स्नेहाशीष घोष ने अपनी शिकायत में बताया कि उनका एक वेतन खाता डीआरएम ऑफिस परिसर स्थित स्टेट बैंक की शाखा में है, और दूसरा खाता रेलवे कॉलोनी स्थित आईसीआईसीआई बैंक में है। शुक्रवार शाम करीब 5:17 बजे: उनके स्टेट बैंक खाते से अचानक 98,000 निकाल लिए गए। इसके ठीक 5 मिनट बाद: आईसीआईसीआई बैंक के खाते से भी 98,000 गायब हो गए।
एलपी को ठगी का पता ऐसे चला
घोष को इस घटना का पता उसी दिन शाम को चला, जब उन्होंने एक टीवी खरीद का ऑनलाइन भुगतान करने की कोशिश की। इसके बाद उन्होंने तुरंत साइबर थाने और संबंधित बैंकों में मामले की शिकायत दर्ज करवाई।
पुणे और जोधपुर के खातों में गए पैसे
बैंकों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार स्टेट बैंक का यह पैसा जोधपुर, पाली रोड स्थित एक यूको बैंक खाते में गया है। यह खाता कथित तौर पर संजय बिश्नोई के नाम पर है। बैंक ने बताया कि यह खाता 1 दिसंबर को ही खोला गया था और 4-5 दिसंबर तक इसमें 7-8 करोड़ जमा हो चुके थे, जिन्हें तुरंत निकाल लिया गया। आशंका है कि यह खाता ठगी के लिए ही खोला गया था और संजय नाम भी फर्जी हो सकता है।
आईसीआईसीआई बैंक का पैसा: यह पैसा पुणे स्थित बंधन बैंक के एक खाते में गया है, जो विकास गजानंद भुजबल के नाम पर है।
कोई ओटीपी या कॉल नहीं आया
लोको पायलट घोष ने अपनी शिकायत में स्पष्ट बताया कि स्टेट बैंक से पैसा निकलने से पहले उनके पास न कोई फोन कॉल आया, न कोई ओटीपी, न मैसेज और न ही कोई मेल आया। हालांकि, आईसीआईसीआई बैंक की तरफ से उनके पास एक कॉल आया था, लेकिन किसी कारणवश वह उस कॉल को अटेंड नहीं कर सके। इसके ठीक बाद उनके खाते से पैसा निकल गया।
