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लैंड पुलिंग एक्ट का विरोध होगा तेजः भारतीय किसान संघ को आरएसएस की भी हरी झंडी



10 नवंबर को मालवा से शुरू होगा विरोध-प्रदर्शन, फिर जबलपुर होते हुए महाकोशल की ओर बढ़ेगा कारवां

जबलपुर। मप्र सरकार के नए लैंड पुलिंग एक्ट के खिलाफ अब विरोध की आग लगातार तेज हो रही है। खबर है कि मप्र के किसानों की जमीनों से जुड़े इस गंभीर प्रकरण में   भारतीय किसान संघ को राष्ट्ीय स्वयं सेवक संघ ने भी हरी झंडी दे दी है। जानकारी के अनुसार जबलपुर की कार्यकारी मंडल की बैठक के दौरान भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की और इस बारे में वस्तुस्थिति से अवगत कराया। जानकारी के अनुसार,श्री भागवत की ओर से इस प्रकरण में भारतीय किसान संघ को सहमति दी गयी है। 

-सरकार को कैसे घेरा जाएगा

  भारतीय किसान संघ द्वारा मप्र सरकार को नए लैंड पुलिंग एक्ट पर घेरने की योजना तैयार कर ली है।  10 नवंबर को मालवा प्रांत के सभी जिला केंद्र पर  लैंड पुलिंग कानून के खिलाफ ज्ञापन कार्यक्रम होगा, इसके बाद 18 नवंबर से उज्जैन में अनिश्चित काल कालीन  घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन का आगाज किया जाएगा। सकारात्मक निर्णय न होने तक किसान विरोध में डटे रहेंगे। संघ ने संकल्प लिया है कि सिंहस्थ क्षेत्र में स्थायी निर्माण नहीं होने दंेगे। लैंड पुलिंग कानून का विरोध राजनीतिक मुद्दा नहीं है, यह किसान के अस्तित्व, उसकी पीढ़ियों और उसके स्वाभिमान से जुड़ा प्रश्न बन चुका है । इस विरोध-प्रदर्शन मंे जबलपुर एवं आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में किसान शामिल होंगे। अभी हाल ही में जब सरकार ने पीछे के रास्ते से गजट नोटिफिकेशन के माध्यम से सिंहस्थ मेला क्षेत्र में आने वाले किसानों की जमीन अधिग्रहित करने राजपत्र में प्रकाशन करा दिया। साथ ही 1300 किसानों की आपत्ति के निराकरण के कोई दस्तावेज नहीं दिए जा रहे है और ना संभागायुक्त के यहां रिवीजन याचिका ली जा रही हैं जिसके बाद भारतीय किसान संघ ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए 17 गांवों के किसानों के बीच किसान संघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी ने दीपावली मिलन में स्पष्ट कहा कि सरकार जब तक लैंड पुलिंग कानून व सिंहस्थ में स्थाई निर्माण पर अपनी राय स्पष्ट नहीं करेगी तब तक सिंहस्थ क्षेत्र में निजी भूमि पर निर्माण नहीं होने दिया जाएगा और किसानों की मातृशक्ति आगे आकर निर्माण कार्य करने से रोकेगी।  18 जिलों की मातृशक्ति ने आकर सिंहस्थ क्षेत्र के किसानों की जमीन छीनने से रोकने में बड़ा समर्थन दिया है जो परिणाम कारी होगा। 


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