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समय पर इलाज मिलता तो बच जाती जान? शेल्बी अस्पताल पर गम्भीर आरोप

 


परिजनों का दावा: इलाज में देरी की गई, डॉक्टर ने कहा,जो मरीज खुद चलकर आया हो, वो कैसे मर सकता है

जबलपुर। विजय नगर निवासी और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के मैनेजर संजीव कुमार नन्दन (42 वर्ष) की मंगलवार देर रात शेल्बी अस्पताल में मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया। परिजनों का कहना है कि संजीव को सीने में दर्द और बेचैनी की शिकायत होने पर रात 11 बजे अस्पताल लाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू नहीं किया।परिजनों के अनुसार, ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने यह कहकर इलाज में देरी की, कि,जो मरीज खुद चलकर आया हो, वह कैसे मर सकता है? इस कथन ने माहौल और बिगाड़ दिया। इसी दौरान मरीज की स्थिति अचानक गंभीर हो गई और कुछ ही देर बाद उसने दम तोड़ दिया।

-हॉस्पिटल में मेडिकल प्रोटोकॉल का उल्लंघन

परिजनों का आरोप है कि समय रहते ईसीजी, मॉनिटरिंग और आवश्यक दवाएं शुरू कर दी जातीं तो संजीव की जान बच सकती थी। मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर विजय नगर पुलिस भी मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश देकर शांत कराया। अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि मरीज को लाने के समय उसकी स्थिति गंभीर थी और पूरी मेडिकल टीम ने प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार शुरू किया। वहीं परिजन इस दावे से सहमत नहीं हैं और उन्होंने मामले की जांच की मांग की है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर अस्पताल स्टाफ के बयान दर्ज कर लिए हैं। मामले की जांच शुरू कर दी गयी है।


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