पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विधननगर निवासी दीप कुमार नाथ ने दर्ज कराई थी। जिसपर जांच की गई तो आरोपी सनी लोगों को विकास टे्रडिंग एप के नाम पर भारी मुनाफा दिलाने का लालच देता था। वह दावा करता था कि सिर्फ एक सप्ताह में निवेश की गई रकम को 150 प्रतिशत तक लौटा देगा। इस झांसे में आकर कई लोगों ने उसे लाखों रुपए सौंपे। अकेले दीप कुमार नाथ से ही बड़ी राशि ले ली गई थी। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आरोपी के बैंक खाते से लगभग 7 लाख की ट्रेसिंग मिली है। वहीं दूसरी ओर गिरफ्तारी के बाद आरोपी सनी के परिजनों ने कहा कि उन्होंने बैंक खाते को बंद कराने के लिए आवेदन दिया था। पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है कि कहीं आरोपी ने साक्ष्य मिटाने की कोशिश तो नहीं की। ऑनलाइन फ्रॉड के इस अंतर-.राज्यीय नेटवर्क को पकडऩे के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस की टीम ने देश के कई हिस्सों में दबिश दी। छिंदवाड़ा के अलावा राजस्थान, इंदौर व उज्जैन में भी कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय था और बड़े पैमाने पर लोगों को निवेश के नाम पर ठगता था।