शिकायत में कहा गया है कि स्कूल रिकॉर्ड के अनुसार दोनों अनुपस्थित शिक्षकों की उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज नहीं है। उनके अवकाश संबंधी कोई मेडिकल या अन्य पत्र भी मौजूद नहीं है। इसके बाद भी एक शिक्षक द्वारका चक्रवर्ती को हर महीने वेतन का भुगतान किया जा रहा है। सुजानसिंह ने स्कूल का निरीक्षण किया तो वहां केवल प्रभारी हेडमास्टर भोलाराम उपस्थित मिले। पूछने पर भोलाराम ने बताया कि राजेश पाडिय़ा व द्वारका चक्रवर्ती नामक दो अन्य शिक्षक भी स्कूल में पदस्थ हैं, लेकिन वे एक साल से नहीं आए हैं। निरीक्षण के दौरान अटेंडेंस रजिस्टर में दोनों शिक्षकों की उपस्थिति नहीं मिली। खबर है कि द्वारका चक्रवर्ती दमोह में रहते हुए भी हर माह वेतन प्राप्त कर रहे हैं। दूसरे शिक्षक राजेश पाडिय़ा का वेतन तो नहीं निकल रहा लेकिन वे भी स्कूल नहीं आते। राजेश पाडिय़ा को एक साल पहले भी इसी लापरवाही के लिए निलंबित किया गया था। इस मामले में आरोप लगाया है कि स्कूल के प्रभारी भोलाराम और संकुल प्राचार्य मोहन सेन मिलकर वेतन पत्रक भरकर द्वारका चक्रवर्ती का वेतन निकलवा रहे हैं। उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी एसके नेमा ने कहा कि मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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