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मास्साब खोज रहे मतदाता, स्कूली पढ़ाई का बंटाधार

 


बोर्ड परीक्षा के छात्रों में एसआईआर को लेकर बढ़ी टेंशन, शिक्षक फील्ड पर उतरे
विषय-विशेषज्ञों की ड्यूटी से पढ़ाई प्रभावित, डेढ़ महीने बाद परीक्षा

जबलपुर।  स्कूलों के शिक्षक इन दिनों दिनों पूरे समय एसआईआर कार्य में व्यस्त हैं, जिसके चलते स्कूलों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। बोर्ड परीक्षाओं में अब मुश्किल से डेढ़ महीना बचा है, लेकिन शहर के अधिकांश हायर सेकंडरी और हाई स्कूलों में शिक्षक नियमित कक्षाएँ नहीं ले पा रहे हैं। शिक्षकों पर लगातार फील्ड ड्यूटी लगाने से स्थिति और खराब हो गई है। परीक्षार्थियों के लिए यह समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, लेकिन एसआईआर के दबाव में स्कूलों की शैक्षणिक गतिविधियाँ लगभग ठप होने लगी हैं। स्थिति यह है कि गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों को सुबह से शाम तक घर-घर सर्वे और दस्तावेज सत्यापन में लगाया जा रहा है। कई शिक्षकों ने बताया कि पिछले दो सप्ताह से वे लगातार फील्ड में हैं, जिससे बोर्ड की तैयारी करा पाना संभव नहीं हो पा रहा। छात्र भी इस स्थिति से परेशान हैं क्योंकि मॉडल टेस्ट, रिवीजन और प्रैक्टिकल की प्रक्रिया समय पर नहीं चल पा रही। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि यदि यही हाल रहा तो परिणामों पर सीधा असर पड़ेगा।

अन्य विभागों को रियायत क्यों

उधर, शिक्षकों का तर्क है कि प्रशासन द्वारा एसआईआर कार्य में केवल शिक्षकों को ही प्राथमिकता से लगाया जा रहा है, जबकि अन्य विभागों के कर्मचारियों को अपेक्षाकृत कम काम सौंपा जा रहा है। इससे शिक्षकों पर कार्यदबाव अत्यधिक बढ़ गया है। कई स्कूलों में कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम अभी भी पूरा नहीं हो पाया है, जिसके चलते विद्यार्थी मानसिक तनाव झेल रहे हैं।

महत्वपूर्ण कोर्स पिछड़ गया

शहर के कई स्कूलों में अब तक प्रैक्टिकल परीक्षाओं की तैयारी भी नहीं हो पाई है। शिक्षकों के अनुसार, जनवरी के दूसरे सप्ताह से बोर्ड परीक्षाओं की प्रक्रिया शुरू हो जाती है, लेकिन नियमित कक्षाएँ न होने से बच्चे महत्वपूर्ण अध्यायों को समझ नहीं पा रहे। कई विद्यालयों ने जिला शिक्षा कार्यालय को लिखित रूप में अवगत कराया है कि एसआईआर कार्य से शैक्षणिक गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ रहा है और परीक्षा परिणाम प्रभावित होने की आशंका है।

प्राथमिक-माध्यमिक परीक्षाएँ भी स्थगित

कक्षा 3 से 8 तक छात्रों के वार्षिक मूल्यांकन से जुड़े कार्यक्रम भी प्रभावित हो गए हैं। 24 नवंबर को प्रस्तावित परीक्षा को स्थगित करने का निर्णय इसी कारण लिया गया। शिक्षा विभाग का कहना है कि एसआईआर पूरा होते ही मूल्यांकन कार्य पुनः शुरू कराया जाएगा, लेकिन फिलहाल कक्षाएँ अनियमित होने से शिक्षकों और अभिभावकों दोनों में चिंता बढ़ रही है।

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