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असली डिग्री पर नकली नाम लिख जारी कर दी !




रादुविवि में सनसनीखेज मामले का खुलासा, विवि प्रशासन ने गठित की जांच कमेटी, कर्मचारियों से भी हुई पूछताछ

जबलपुर। नियमांे की धज्जियां उड़ाने के लिए कुख्यात हो चुके रानी दुर्गावती विवि के कारिंदे इस दिशा में नित नए कीर्तिमान कायम कर रहे हैं। ताजा मामले में एक असली डिग्री में नकली नाम जारी करने का प्रकरण सामने आया है,जिसकी जानकारी सार्वजनिक होने के बाद विवि प्रशासन के हाथ-पांव फूले हुए हैं। हालाकि, विवि ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है, जिनमें से दो जांच अधिकारी विवि के नहीं हैं। जांच दल में, विवि के वरिष्ठ प्रोफेसर के अलावा क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक और प्रधानमंत्री कालेज ऑफ एक्सीलेंस के प्राचार्य को शामिल किया गया है। सवाल ये है कि प्रशासन ने अब तक मामले में प्रारंभिक स्तर पर भी कोई कार्रवाई नहीं की है।  शिकायत के बाद प्रशासन ने जांच पड़ताल शुरू की,जब गंभीर खामी मिली तो जांच कमेटी बना दी गई है।  

-पूरा मामला क्या है

विश्वविद्यालय से फरवरी 2024 में बीकाम की डिग्री एमडी रफी के नाम से  जारी हुई। बीकाम 2003 में किया गया। डिग्री पूरी तरह से  विश्वविद्यालय के प्रोफार्मा में बनी और उसमें कुलगुरु और कुलसचिव के हस्ताक्षर भी असली बताए जा रहे हैं।  शिकायत पहुंची तो इस मामले की जांच की। उन्हें टेबुलेशन रजिस्टर में एमडी रफी का कोई लेखा-जोखा नहीं मिला। इसके बाद इस मामले से सीधे जुड़े कर्मचारियों से पूछताछ के लिए पत्र जारी हुआ। इसमें बीकॉम की परीक्षा का कार्य देखने वाले डीलिंग क्लर्क, डिग्री बनाने वाले कर्मचारी और डिग्री बनने के बाद जांच करने वाले कर्मी से पूछताछ की गई है।  कुलसचिव डॉ आरके बघेल ने कहा कि जांच के लिए छात्र की डिग्री भी मंगायी गयी है। इधर, संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि साल 2011 में मेडिकल स्केंडल की तरह अब फर्जी डिग्री बनाने वाला तो कोई गिरोह सक्रिय नहीं है, जो घर बैठे ही फर्जी डिग्री तैयार करवा रहा है। 


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