सेवानिवृत महिला प्रोफेसर के साथ भेदभावपूर्ण रवैए पर रादुविवि रजिस्टार को नोटिस, देखें वीडियो



जबलपुर।
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय एवं मध्य प्रदेश शासन के साथ भेदभाव रवैये के चलते बुधवार को उच्च न्यायालय जबलपुर ने डॉ. अंजना शर्मा के प्रकरण पर अवमानना नोटिस जारी किए हैं। डॉ. शर्मा वर्ष 2021 में बायोसाइंस विभाग से रिटायर हुई थी। रिटायरमेंट के बादउन्’हें सेवानिवृत्ति के लाभ नहीं दिए गए थे। पेंशन और ग्रेच्युटी नहीं दी गई। डॉ. शर्मा ने उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी जिसमें बताया गया था कि उनके विरुद्ध कोई भी अपराधिक विचारण या विभागीय कार्यवाही में प्रचलित नहीं थी, फिर भी कई वर्षों तक उन्हें पेंशन नहीं दी जा रही है।

अदालत ने 22 नवम्बर 2024 के आदेश के माध्यम से राज्य शासन एवं विश्वविद्यालय को आदेश दिया गया कि तत्काल डॉ. अंजना शर्मा के पक्ष में पैंशन एवं ग्रेच्युटी की कार्यवाही करें, परंतु उक्त आदेश का पालन नहीं हुआ। जबकि समकक्ष पुरुष प्रोफेसर डॉ वाईके बंसल एवं डॉ पीके सिंघल के पक्ष में कई माह पूर्व आदेश दिये जा चुके हैं।

अवमानना याचिका में डॉ. शर्मा द्वारा इस बात को बताया गया है कि महिला अधिकारी को जानबूझकर और उसके अधिकारीं से वंचित रखा जा रहा है। न्यायालय के द्वारा कंटेम्प्ट पिटीशन में नोटिस जारी  करते हुए विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार आरके बघेल एवं प्रमुख सचिव अनुपम राजन के विरुद्ध नोटिस जारी किए गए हैं।  

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