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आशुतोष राणा के दृष्टिकोण से जीवंत होगी रामायण

 


नाटक नहीं, एक अनुभव: मैग्नम ओपस नाटक‘हमारे राम’ का मेगा लाइव शो पहली बार जबलपुर में,राम–सीता की अनकही कथा

जबलपुर। भारत की अग्रणी थिएटर कंपनी फैलिसिटी थिएटर लेकर आ रही है वर्ष 2025 का सबसे भव्य और बहुप्रतीक्षित नाट्य आयोजन,“हमारे राम”। निर्देशक गौरव भारद्वाज की इस कालजयी प्रस्तुति में रामायण के वे अनसुने, अनदेखे और रोमांचकारी अध्याय जीवंत होंगे, जिन्हें किसी मंच पर पहले कभी नहीं दिखाया गया। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता आशुतोष राणा इस मेगा प्रोडक्शन में रावण की प्रतिष्ठित भूमिका निभा रहे हैं। भगवान राम के रूप में दिखाई देंगे प्रशंसित अभिनेता राहुल आर. भुचर, जबकि हनुमान की भूमिका निभा रहे हैं लोकप्रिय अभिनेता दानिश अख्तर। भगवान शिव की भूमिका में तरुण खन्ना, माता सीता के रूप में अमृता परिहार, तथा सूर्य देव की भूमिका में करण शर्मा मंच पर उतरेंगे। थिएटर जगत के 50 से अधिक अनुभवी कलाकार इस ग्रैंड शो का हिस्सा हैं।

-तरंग में बिखरेंगे राम के रंग

देश के कई शहरों में लगातार हाउसफुल प्रदर्शन के बाद अब यह मेगा शो 29–30 नवंबर 2025 को तरंग ऑडिटोरियम, जबलपुर में अपना भव्य प्रीमियर करेगा।नाटक के लिए विशेष रूप से तैयार की गई मूल रचनाओं में तीन महान पार्श्व गायकों, कैलाश खेर, शंकर महादेवन और सोनू निगम  ने अपनी आवाज दी है। परिणामस्वरूप “हमारे राम” सिर्फ एक नाटक नहीं बल्कि एक श्रव्य-दृश्य आध्यात्मिक अनुभव बनकर सामने आता है।यह प्रस्तुति संवादों की शक्ति, भव्य सेट डिज़ाइन, विस्तृत वेशभूषा, अत्याधुनिक लाइटिंग, एलइडी वॉल, विशाल बैकड्रॉप और हाई-टेक वीएफएक्स के साथ दर्शकों को मंत्रमुग्ध करती है।

-नए दृष्टिकोण से रामायण का पुनर्पाठ

“हमारे राम” की कथा लव–कुश से आरंभ होकर भगवान राम से पूछे गए गहन प्रश्नों पर आधारित है। नाटक भगवान राम और माता सीता के पवित्र प्रेम, उनके संघर्ष, त्याग और विजय की अनकही यात्रा को नए आयाम में प्रस्तुत करता है। हाई-टेक विजुअल्स, हवाई अभिनय,विशाल एलइडी कैनवास और सशक्त अभिनय इस कथा को आधुनिक दर्शकों के लिए और भी प्रासंगिक बना देते हैं। निर्माता राहुल भुचर के अनुसार,'हमारे राम’ को नई पीढ़ी से जोड़ने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। आशुतोष राणा का रावण रूपांतरण, संगीत दिग्गजों की आवाज़ें और गौरव भारद्वाज का दृष्टिकोण इसे एक आध्यात्मिक यात्रा में बदल देते हैं। दर्शक पहले कभी ऐसा नाट्य अनुभव नहीं देख पाए होंगे। श्री भारद्वाज ने कहा कि यह मंचन भारतीय थिएटर की तकनीकी और कलात्मक सीमाओं को नई ऊँचाई देता है। दर्शक हर पल रोमांचित होंगे।




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