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शिक्षिका के पति ने एक लाख रुपए सुपारी देकर कराई थी ड्राइवर की हत्या, 8 आरोपी गिरफ्तार, 3 तो 12वीं कक्षा के छात्र है

सागर। एमपी के सागर स्थित केंट क्षेत्र में हुई ड्राइवर दीपचंद साहू की हत्या के मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर खुलासा कर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिक्षिका की कार चलाने वाले ड्राइवर की हत्या किसी ओर ने नहीं बल्कि शिक्षिका के पति ने एक लाख रुपए की सुपारी देकर कराई है।  पति को पसंद नहीं था कि ड्राइवर उसकी शिक्षिका पत्नी से हंस-हंस कर बात करे।  गौरतलब है कि ड्राइवर दीपचंद की 4 दिसम्बर को शादी होना थी, इससे पहले उसकी हत्या करा दी गई।                                                                                          
                                पुलिस को पूछताछ में पता चला कि मृतक दीपचंद उम्र 33 वर्ष करीब 4-5 सालों से आरोपी अनिल खटीक की शिक्षिका पत्नी मनीषा खटीक की कार चलाता था। वह उन्हें रोजाना स्कूल ले जाने व लाने का काम करता था। इस दौरान वह शिक्षिका से हंसी-मजाक कर बात करता था। यह बात पति अनिल को खटकती थी और वह पत्नी पर संदेह करने लगा था। अनिल ने करीब 1 महीने पहले अपने कर्रापुर निवासी साले सुरेंद्र उर्फ मुरली के साथ मिलकर ड्राइवर को रास्ते से हटाने की साजिश रची। इसके लिए उन्होंने नए लड़कों को शामिल किया। इनमें कर्रापुर, करीला व भाग्योदय के युवक शामिल थे। अनिल खटीक ने हत्या के लिए 1 लाख रुपए देने की बात कही थी। इसमें से 20 हजार रुपए उसने आरोपी सुरेंद्र को एडवांस दे दिए थे। बाकी रकम काम होने के बाद दी जानी थी। साजिश के तहत आरोपी अनिल ने 17 नवंबर की सुबह दीपचंद को शाम को कार में ऑयल डलवाने के लिए भगवानगंज स्थित कार पार्लर जाने को कहा। शाम करीब 5.30 बजे जैसे ही दीपचंद कार लेकर वहां पहुंचा तो पहले से रेकी कर रहे बाइक सवार बदमाशों ने उसे घेर लिया और पीछे से चाकू घोंपकर हत्या कर दी।

3 आरोपी 12वीं के छात्र, दमोह से पकड़े गए-

वारदात के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और अनिल खटीक को हिरासत में लिया, इसके बाद पूरा राज खुल गया। पुलिस ने दमोह और सागर से सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से 3 आरोपी कक्षा 12वीं के छात्र हैं।

अगले दिन थी गोद भराई, 4 दिसंबर को शादी

मृतक के भाई संतोष साहू ने बताया कि दीपचंद की 4 दिसंबर को शादी थी। घटना के अगले ही दिन यानी 18 नवंबर को गोद भराई की रस्म होनी थी। घर में कार्ड छप चुके थे और रिश्तेदार आ गए थे, लेकिन खुशियों वाले घर में मातम पसर गया।

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