मैहर. मध्य प्रदेश के मैहर जिले के नागौद स्थित सितपुरा पावर ग्रिड के सब-स्टेशन में शनिवार की देर शाम तीन विद्युतकर्मी करंट लगने से गंभीर रूप से झुलस गए. हादसा 220 केवीए लाइन के मेंटेनेंस के दौरान हुआ.तीनों कर्मचारी काम खत्म करने के बाद टेस्टिंग के लिए अर्थिंग लगा रहे थे, तभी उन्हें जोरदार झटका लगा. तीनों को बिरला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है.प्रबंधन पर आरोप है कि उन्होंने घटना की जानकारी परिजनों को भी नहीं दी.
घटना 8 अक्टूबर शनिवार की शाम करीब 6 बजे हुई। घायलों में लाइन ऑपरेटर लाला कुशवाहा (61 वर्ष, निवासी अमौधा), सहकर्मी दीपक लखेरा (34 वर्ष, निवासी प्रेमनगर) और आउटसोर्स कर्मचारी आशीष बागरी (26 वर्ष, निवासी बगहा) शामिल हैं।
ट्रांसफॉर्मर का मेंटेनेंस करते समय हादसा
जानकारी के मुताबिक, तीनों कर्मचारी 220 केवी लाइन पर लगे 160 एमवीए के पावर ट्रांसफॉर्मर का मेंटेनेंस कर रहे थे। काम खत्म करने के बाद तीनों कर्मचारियों ने टेस्टिंग की तैयारी शुरू की और अर्थिग लगाने लगे. बताया जा रहा है कि वे जल्दबाजी में लाइन पर लगे सर्किट ब्रेकर को हटाना भूल गए. जैसे ही उन्होंने अर्थिंग रॉड पकड़ी, उन्हें जोरदार करंट का झटका लगा, जिससे वे बुरी तरह झुलस गए.
चुपचाप अस्पताल में कराया भर्ती
घटना होते ही मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने पावर ग्रिड के अधिकारियों को सूचित किया.इसके बाद घायलों को तुरंत एक निजी वाहन से बिरला अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें आईसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया. खबरों के अनुसार, मेंटेनेंस और टेस्टिंग के दौरान एई मेंटेनेंस रवि पांडेय और सुपरवाइजर आरके सोनी मौके पर मौजूद नहीं थे, जबकि यह कार्य उनकी निगरानी में होना था. परिजन रातभर रहे अनजान, सुबह हुआ खुलासा प्रबंधन ने तीनों कर्मचारियों के करंट से झुलसने की जानकारी उनके परिजनों को भी नहीं दी.परिजन रातभर उनकी हालत से अनजान रहे. जब सुबह लाला, दीपक और आशीष अपने-अपने घर नहीं पहुंचे, तो परिजन उनका पता लगाने के लिए पावर ग्रिड पहुंचे.
