बताया गया है शाजापुर रेंज में काले हिरण आसपास के गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे थे। किसानों की मांग पर सरकार ने काले हिरणों को रेस्क्यू करने का निर्णय लिया। हेलीकॉप्टर की मदद से शाजापुर के गांवों से हिरणों को पकड़कर टाइगर रिजर्व में लाया गया। पहली खेप में 153 और दूसरी में 35 काले हिरण छोड़े गए। टाइगर रिजर्व में दो अलग-अलग खेपों में 153 और 35 कुल 188 काले हिरण लाए गए हैं। इन काले हिरणों को टाइगर रिजर्व के बड़े घास के मैदानों में छोड़ा गया है। जहां वे कुलांचे मारते हुए मैदानों में विचरण करते नजर आ रहे हैं। इन हिरणों के साथ ही टाइगर रिजर्व में काले हिरणों की संख्या 2000 से अधिक हो गई है। इससे पहले भी टाइगर रिजर्व में काले हिरण देखे जाते रहे हैं। हालांकि समय के साथ यहां यह कम होते गए। लेकिन प्रदेश सरकार ने एक बार फिर इन्हें यहां बसाने का निर्णय लिया है। टाइगर रिजर्व में छोड़े गए काले हिरण निगरानी के लिए वन विभाग की टीमें तैनात की गई है। टीमें लगातार काले हिरणों के हर मूवमेंट पर नजर रख रही हैं। वह मैदानों में झुंडों में नजर आ रहे हैं जो रिजर्व के पारिस्थितिक संतुलन के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
दो बार में लाए गए 188 ब्लैक बक-
टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने बताया कि दुर्गावती टाइगर रिवर्ज बड़े-बड़े ग्रासलैंड के रूप में जाना जाता है। हाल ही में शाजापुर में खेतों से काले हिरण पकड़े गए हैं। जिनमें से एक खेप में 153 और दूसरी खेप में 35 काले हिरण टाइगर रिजर्व में लाए गए हैं। दोनों को अलग-अलग बड़े घास के मैदानों में छोड़ा गया है। वर्तमान में वह उस क्षेत्र में अच्छा विचरण कर रहे हैं। उनकी निगरानी की जा रही है। ताकि शिकार जैसी संभावनाओं को खत्म किया जा सके।