मुरैना. एमपी के ग्वालियर में पुलिस ने 3 दिन पहले एक संदिग्ध बाइक सवार से 17 कछुए बरामद किए. कछुओं की तस्करी की जा रही थी. बरामदगी के 3 दिन बाद कोर्ट की अनुमति से वन विभाग की टीम ने इंडियन फ्लैप शेल प्रजाति के 17 कछुओं को चंबल नदी में छोड़ा. बताया जाता है कि इन कछुओं को तांत्रिक क्रिया के लिये बली चढ़ाई जानी थी.
ग्वालियर पुलिस नियमित वाहन चेकिंग कर रही थी कि तभी एक संदिग्ध बाइक सवार पुलिस को देखकर घबरा गया. पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने एक बड़ा थैला सड़क किनारे फेंक दिया और तेज रफ्तार से भाग निकला. पुलिस ने जब थैला खोला तो अंदर से 17 जीवित कछुए मिले. इन कछुओं की तस्करी की जा रही थी. इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई और कछुओं को संरक्षण में ले जाया गया.
3 दिन तक मेडिकल ऑब्ज़र्वेशन और जरूरी देखरेख के बाद विभाग ने कोर्ट से इन्हें प्राकृतिक आवास में छोडऩे की अनुमति मांगी. इजाज़त मिलते ही ग्वालियर वन विभाग की टीम कछुओं को लेकर मुरैना के चंबल राजघाट पुल पहुंची. यहां मुरैना देवरी घडिय़ाल रेंज ऑफिसर श्याम सिंह चौहान और उनकी टीम पहले से मौजूद थी. सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही कछुओं को एक-एक कर चंबल की निर्मल धारा में छोड़ा गया.
पानी में जाते कछुओं ने भरी जिंदगी की रफ्तार
पानी में उतरते ही कछुओं ने अपनी प्राकृतिक रफ्तार पकड़ ली, जैसे लंबे इंतजार के बाद घर लौट आए हों. वन विभाग का कहना है इंडियन फ्लैप शेल प्रजाति बेहद अनुकूलनशील होती है और किसी भी मौसम में आसानी से जीवित रह सकती है. यही वजह है कि तस्कर इन्हें तालाबों और छोटी नदियों से पकड़कर तस्करी की कोशिश करते हैं. पुलिस अब उस बाइक सवार तस्कर की तलाश में लगी है.
