जबलपुर बनेगा जनजातीय संस्कृति का केंद्र, बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती का भव्य समारोह कल,देखें वीडियो

 




जबलपुर। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष का समापन इस बार जबलपुर में ऐतिहासिक रूप से दर्ज होने जा रहा है। 15 नवंबर को सदर स्थित गैरिसन ग्राउंड में आयोजित होने वाला जनजातीय गौरव दिवस का राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम जनजातीय संस्कृति, परंपरा और बलिदान की भव्य झलक पेश करेगा। जिला प्रशासन और जनजातीय कार्य विभाग की तैयारियाँ युद्धस्तर पर चल रही हैं। आज जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने जबलपुर में प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर आदिवासी समाज से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की।

-इतिहास रचने को तैयार जनसमूह

गैरिसन ग्राउंड को इस तरह तैयार किया गया है जैसे एक विशाल सांस्कृतिक नगर बस गया हो। करीब 45 हजार हितग्राहियों और जनजातीय प्रतिनिधियों के आगमन की संभावना है। बड़ा जनसमूह देखते हुए मैदान को 30 सेक्टरों में बाँटा गया है, जहाँ हर सेक्टर में अलग व्यवस्था और निगरानी तैनात रहेगी।

-प्रधानमंत्री का वर्चुअल संदेश होगा राज्यपाल–मुख्यमंत्री होंगे मुख्य अतिथि

कार्यक्रम में राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व की बड़ी मौजूदगी रहेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के नर्मदा जिले से वर्चुअल माध्यम से जनता को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में  राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव,उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा,केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके,मंत्री डॉ. विजय शाह व लोक निर्माण मंत्री  राकेश सिंह मंच पर उपस्थित रहेंगे। 

 --जनजातीय संस्कृति का विराट कैनवास – 7 प्रमुख जनजातियों पर विशेष गैलरी

स्वराज संस्थान संचालनालय द्वारा बनाई गयी प्रदर्शनी इस कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण होगी। इसमें 7 प्रमुख जनजातियों — गोंड, बैगा, भील, कोल, कोरकू, भारिया, सहरिया — की सांस्कृतिक धरोहर को विशेष गैलरी में दिखाया जाएगा।लोककला, पारंपरिक वाद्य, शिल्पकला, जनजातीय व्यंजन और जंगल आधारित उत्पाद इस प्रदर्शनी की शोभा बढ़ाएंगे।इसके साथ ही भगवान बिरसा मुंडा, रानी दुर्गावती, राजा शंकर शाह–कुंवर रघुनाथ शाह, टंट्या भील जैसे स्वतंत्रता संग्राम के जनजातीय नायकों पर आधारित विजुअल इंस्टॉलेशन भी लगाए जा रहे हैं।

जनजातीय गौरव के नक्षत्रों का सम्मान

कार्यक्रम में उन हस्तियों का सम्मान होगा जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जनजातीय समाज को नई पहचान दिलाई है—

• पद्मश्री भज्जू श्याम

• पद्म सम्मानित अर्जुन सिंह धुर्वे

• भारतीय क्रिकेटर क्रांति गौंड

• अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज रागिनी मार्को

• अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सृष्टि सिंह


-मुख्यमंत्री का रोड शो, हितलाभ वितरण और विकास कार्यों का शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम से पहले समन्वय चौक से सृजन चौक तक एक बड़े रोड शो में जनता का अभिवादन करेंगे। इसके बाद वे प्रदर्शनी का अवलोकन, योजनाओं के तहत हितलाभ वितरण तथा विकास कार्यों का लोकार्पण–भूमिपूजन करेंगे।


--अब आदिवासी समाज को मिलेगी पहचान

 विजय शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की पहल पर जनजातीय समाज के इतिहास, बलिदान और वीरता को राष्ट्रीय पहचान मिली है, और अब इसे और बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा। शाह ने बताया कि जबलपुर और आसपास के आदिवासी क्षेत्रों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, वीर शहीदों की स्मृति यात्राएँ, स्वास्थ्य शिविर और जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। शाह ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने स्वाभिमान और आज़ादी की लड़ाई को नई दिशा दी थी। “यह सिर्फ उत्सव नहीं, हमारे आदिवासी नायकों के योगदान को सम्मान देने का संकल्प है। प्रेस कॉन्फ़्रेंस में शाह ने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और वनाधिकार जैसे क्षेत्रों में विशेष पैकेज पर काम कर रही है। आदिवासी युवाओं के लिए आने वाले महीनों में नई योजनाओं की घोषणा होगी। विजय शाह ने कहा कि जनजातीय कला, पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए विभाग नया फंड तैयार कर रहा है। आदिवासी संस्कृति हमारी मूल पहचान है, इसे वैश्विक मंच तक ले जाने का लक्ष्य है। 

-विपक्ष के आरोपों पर पलटवार

कार्यक्रमों को ‘सिर्फ दिखावा’ बताने वाले विपक्ष के बयानों पर शाह ने जवाब देते हुए कहा कि यह सिर्फ कार्यक्रम नहीं, यह आदिवासी समाज के सम्मान और सशक्तिकरण का सतत अभियान है। सरकार जमीन पर काम कर रही है, और उसके परिणाम जल्द दिखेंगे।

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