रैपुरा फार्म हाउस के 10 घोड़े रहस्यमय ढंग से लापता,हड़कंप, देखें वीडियो




 जबलपुर में घोड़ों का हाई-प्रोफाइल मामला गहराया,जिला प्रशासन ने जांच-पड़ताल ‘ाुरु की

जबलपुर। पनागर क्षेत्र के रैपुरा स्थित एक फार्म हाउस में हैदराबाद से गुपचुप तरीके से लाए गए 57 घोड़ों का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। पहले से ही संदिग्ध परिस्थितियों में 19 घोड़ों की मौत से परेशान जिला प्रशासन अब एक नई मुसीबत से जूझ रहा हैकृफार्म हाउस से 10 घोड़े लापता हो गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मई में बिना नियमानुसार अनुमति के ट्रकों में भरकर 57 घोड़े हैदराबाद से रैपुरा लाए गए थे। आगमन के कुछ ही दिनों में 12 घोड़ों की मौत होने से हड़कंप मच गया था। इसके बाद लगातार 7 और घोड़ों की मौत की खबर ने पूरे प्रकरण को गंभीर बना दिया। 

-टीम रख रही है निगरानी

पशुपालन विभाग की टीम ने सभी घोड़ों को ग्लैंडर्स बीमारी की आशंका के चलते निगरानी में रखा था। इसी बीच, फार्म हाउस पर रखे गए घोड़ों की ताजा गिनती में 10 घोड़े गायब पाए गए। जब जिला प्रशासन ने फार्म हाउस संचालक से जवाब मांगा, तो वह संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सका। इससे प्रशासन और भी अधिक सतर्क हो गया है। घोड़ों की संख्या में बड़ी कमी और लगातार हो रही मौतों ने पूरे मामले को संदेह के घेरे में ला दिया है। 

-चुनौती बन गया प्रकरण

अधिकारी जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्च स्तर पर भेजने की तैयारी में हैं। वहीं पशुपालन विभाग की टीम भी फार्म हाउस की निरंतर निगरानी कर रही है। रैपुरा फार्म हाउस का यह पूरा प्रकरण स्थानीय प्रशासन, पशुपालन विभाग तथा सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। फिलहाल, घोड़ों के लापता होने का रहस्य अब तक कायम है।

-सवाल,जो जवाब खोज रहे

-घोड़ों को किस अनुमति से और किस उद्देश्य से लाया गया?

-क्या घोड़े किसी बीमारी से ग्रसित थे?

अचानक 10 घोड़ों के गायब होने के पीछे क्या वजह है?

-घोड़ों की मौत और लापता होने की घटनाएं क्या आपस में जुड़ी हैं?

-क्या बोले कलेक्टर

कलेक्टर राघवंेद्र सिंह ने कहा कि घोड़ों के गायब होने के मामले को गंभीरता से लिया गया है और इसकी जांच प्रारंभ कर दी गयी है। रिपोर्ट के आधार पर आगे एक्शन लिया जाएगा। 

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