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सीएम हाउस से आ गयी चिटठी, दो और बिजली अफसर नपेंगे



सीई वर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोप से जुड़ा प्रकरण, विद्युत कंपनी के जांच अधिकारी हरकत में आए

जबलपुर। मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के जबलपुर संभाग के मुख्य अभियंता कांतिलाल वर्मा के करप्शन से जुड़े प्रकरण मंे दो और अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय भोपाल से आई चिटठी में इन दोनों अधिकारियों द्वारा की गयी अनियमितताओं का पूरा ब्यौरा देने और पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों की इस प्रकरण में विशेष टीप भी मांगी गयी है। 

-इन्हें जांच से बाहर क्यों रखा गया

सीएम मैनिट से आए पत्र के अनुसार, सीई सीएल वर्मा  पर  सागर की ईको सिटी एवं मेगा सिटी में आरोपित तौर पर किए गये भ्रष्टाचार में सागर के तत्कालीन सहायक अभियंता बीपी सिंह एवं सहायक अभियंता अवनीश जारौलिया के कार्यादेशों का क्रियान्वयन नियमों के मुताबिक हुआ है या नहीं, ये जांच की जानी है। पत्र में कहा गया है कि जांच में इन दोनों अधिकारियों पर जांच के दौरान अब तक ना तो कोई टिप्पणी की गय है और ना ही इन्हें अनियमितताओं का दोषी माना गया है या इन्हें निर्दोष बताया गया है। जबलपुर में बैठे बिजली अफसरों से उम्मीद की गयी है कि वे इन दोनों के बारे में स्पष्ट रूप से अपना मत दें। 

-जबलपुर के अफसर धर्मसंकट में

मुख्यमंत्री कार्यालय से आए इस पत्र के बाद इस मामले की जांच से सीधे जुड़े अधिकारी बुरी तरह फंस गये हैं। वे अब तक जांच को अधर में लटकाए हुए है थे ताकि उन्हें किसी अधिकारी के खिलाफ ना जाना पड़े,लेकिन अब चूंकि सीएम मैनिट द्वारा मॉनीटरिंग की जा रही है तो अफसरों को को अपनी टीप देनी ही पड़ेगी। अधिकारी यदि इन्हें बरी करते हैं तो सीएम मैनिट की जांच में खुलासा होने के बाद कार्रवाई का खतरा बढ़ सकता है। 

-इन आरोपों से घिरे है वर्मा

 ईको सिटी कॉलोनी एवं मेगा सिटी कॉलोनी के विद्युतीकरण स्वीकृति में भष्टाचार किया। अनुभव चतुर्वेदी की शिकायत पर सीएम जांच हुई। शिकायत में 5 करोड़ का भ्रष्टाचार सामने आया लेकिन तत्कालीन मुख्य प्रबंधक नीता राठौर ने जांच को दबा दिया 33.11केवी उपकेंद्र को गपा लिया गयाए जिससे कंपनी को 5 करोड़ की क्षति पहुंचाई।जबलपुर लोकायुक्त टीम ने छिंदवाड़ा पदस्थ रहते हुए निवास में रेड की थी। प्रकरण भी बना था लेकिन सबमिट रिपोर्ट को निरस्त करते हुए अमान्य कर दिया था। प्रकरण दर्ज होने के बाद भी उसी रीजन में पोस्टिंग दी गई। नौकरी में रहते हुए निजी तौर पर दो प्राइवेट कंपनी खोल दी। पहली इनेफा स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेडए पूना और दूसरी एस3ए इंजीनियर्स एंड कॉन्ट्रे्क्ट प्राइवेट लिमिटेड, गाजियाबाद। कंपनी के नियमानुसार प्राइवेट कंपनी के लिए कोई भी अनुमति नहीं ली गई। छतरपुर में शिवोहम कंस्ट्र्क्शन कंपनी बिना किसी अनुमति के खोल ली गई। इस कंपनी से नियम विरूद्ध सागर रीजन में टर््ांसफार्मर लगा दिए गए। 

-निष्पक्ष रूप से जांच की जाएगी

सीएम मैनिट से आए पत्र पर अपने कार्रवाई ‘ाुरु कर  दी है। अधिकारियों को निर्देशों का पालन करने के लिए निर्देश दिए गय हैं। जल्दी ही रिपोर्ट सीएम आॅफिस भेजी जाएगी। 

संपदा सराफ,एचआरए, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी

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