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व्हीकल फैक्ट्री बनेगी 'पॉवर सेंटर', ट्रांसको ने पूरा किया फर्स्ट राउंड




 सब-स्टेशनों का सर्किल बनाकर विद्युत आपूर्ति की बाधाएं होंगी दूर,ज्यादा ताकतवर उपकरण लगाने का काम जारी

जबलपुर। जबलपुर में डिफेंस क्षेत्र की अग्रणी व्हीकल फैक्ट्री अगले कुछ वक्त में पॉवर सेंटर बन जाएगी। ये एक ऐसा केंद्र होगा,जहां से जबलपुर के तीन से चार सब-स्टेशनों को इस तरह से कनेक्टेड किया जाएगा कि इनमें से किसी भी सब-स्टेशन की बिजली आपूर्ति बाधित होने पर अन्य सब-स्टेशन के जरिए बिजली आपूर्ति बहाल हो जाएगी। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी यानी ट्रांसको की टीम ने व्हीकल फैक्ट्री के अपने 54 साल पुराने सब-स्टेशन की रि-मॉडलिंग करने का काम शुरु किया है,जिसका एक चरण समाप्त भी हो गया है।  व्हीकल फैक्ट्री के पॉवर सेंटर से अन्य फैक्ट्रीयों को भी अबाधरूप से बिजली आपूर्ति का रास्ता साफ हो जाएगा। 

-ऐसी है ट्रांसको की प्लानिंग

व्हीकल फैक्ट्री के सब-स्टेशन को इस तरह से डिजाइन किया जा रहा है ताकि नया गांव सब-स्टेशन, विनोबा भावे सब-स्टेशन को जोड़ा जा सके। इसके बाद फैक्ट्री के सब-स्टेशन से पनागर और माढ़ोताल को भी जोड़ा जाएगा। हालाकि, इस पूरी कवायद में वक्त जरूर लगेगा,लेकिन ट्रांसको की इस कवायद से जबलपुर शहर के पॉवर सप्लाई सिस्टम को नई जान मिल जाएगी। इस डबल सप्लाई व्यवस्था का पहला चरण पूरा हो चुका है।

- ऐसे अप्रगेड किया जाएगा सिस्टम

एमपी ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता आरसी शर्मा ने बताया कि  व्हीकल फैक्ट्री सब-स्टेशन में नियंत्रण के लिए पहले केवल एक ही सिस्टम उपलब्ध था। इसके कारण तकनीकी समस्या आने पर पावर ट्रांसफार्मर के साथ विनोबा भावे की लाइन भी बाधित हो जाती थी। ऐसी स्थिति में मरम्मत या सुधार कार्य के लिए शटडाउन लेना पड़ जाता था। अब रिमॉडलिंग के जरिए ब्रेकर लगाए गए हैं, साथ ही बस कप्लर बे एवं ऑक्सिलरी बस का निर्माण किया गया है, जिससे इनकी ताकत बढ़ जाएगी। सब-स्टेशन में लगे कम करेंट वाले पुराने पैंथर कंडक्टरों को हटाकर अधिक करेंट क्षमता वाले जेबरा कंडक्टर लगाए गये हैं। 

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