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दोस्त की जांच करने के बजाए निभाया गया 'याराना'

 

करप्शन की जांच में रिश्तों की आंच, उपजे संदेह और सवाल,सीई वर्मा के भ्रष्टाचार मामलों जांच में बिजली कंपनी का एक्शन, सागर सीई से पूछा, जांच में देर क्यों हुई, रिटायरमेंट के पूर्व जांच पूरी करने का निर्णय

जबलपुर। एक के बाद एक कई भ्रष्टाचार के मामलों में उलझे पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में पदस्थ चीफ इंजीनियर कांतिलाल वर्मा के मामले में अब पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी सक्रिय हो गयी है। प्रबंधन ने सागर सीई को पत्र लिखकर जांच का अपडेट मांगा है साथ ही पूछा है कि इतना अर्सा बीत जाने के बाद जांच क्यों ‘ाुरू नहीं की गयी। उल्लेखनीय है कि श्री वर्मा एवं देवेंद्र कुमार एक ही बैच के अधिकारी हैं,जब ये दोनों सागर में पदस्थ रहे, तब एक ही कमरे में रहते थे। इन दोनों की अंतरंगता और दोस्ती के किस्से आज भी लोग याद करते हैं। सूत्रों का दावा है कि  ऐसे में देवेंद्र कुमार अपने खास श्री वर्मा की जांच कैसे कर सकते थे। हालाकि सवाल ये भी उठ रहा है कि चाहते तो देवेंद्र कुमार श्री वर्मा को क्लीन चिट भी दे सकते थे,लेकिन जिस ढंग से मामले में प्रमाण प्रस्तुत किए गये हैं,ऐसा करना लगभग नामुम्किन है। ये जांच सालांे से अटकी हुई है और इसमें किसी तरह की प्रगति नहीं हो सकी है।  

-आरोप, जिनसे घिरे हैं सीई वर्मा

श्री वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने ईको सिटी कॉलोनी एवं मेगा सिटी कॉलोनी के विद्युतीकरण स्वीकृति में भष्टाचार किया। शिकायत में 5 करोड़ का भ्रष्टाचार सामने आया लेकिन तत्कालीन मुख्य प्रबंधक नीता राठौर ने जांच को दबा दिया और छोटे कर्मचारियों पर गाज गिरा दी। बताया गया है कि वर्मा ने डेवलपर से सांठगांठ करके अनुचित लाभ दिया। 33-11केवी उपकेंद्र को गपा लिया गया, जिससे कंपनी को 5 करोड़ की क्षति पहुंचाई। जबलपुर लोकायुक्त टीम ने छिंदवाड़ा पदस्थ रहते हुए निवास में रेड की थी। प्रकरण भी बना था लेकिन सबमिट रिपोर्ट को निरस्त करते हुए अमान्य कर दिया था। श्री वर्मा ने नौकरी में रहते हुए निजी तौर पर दो प्राइवेट कंपनी खोल दी। पहली इनेफा स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड, पूना और दूसरी एस.3ए इंजीनियर्स एंड कॉन्ट्रे्क्ट प्राइवेट लिमिटेड, गाजियाबाद। इन कंपनियों की डायरेक्टर सरिता वर्मा को बनाया गया।  छतरपुर में शिवोहम कंस्ट्र्क्शन कंपनी बिना किसी अनुमति के खोल ली गई। इस कंपनी से नियम विरूद्ध सागर रीजन में टर््ांसफार्मर लगा दिए गए। कुछ माह पहले मुख्य अभियंता कार्यालय के सिविल रेनोवेशन के नाम पर एक करोड़ का टेंडर किया गया। टेंडर अपने चहेते ठेकेदार को दे दिया गया था। 

-वर्जन

रिटायरमेंट के पूर्व कार्रवाई होगी

इस प्रकरण में हमारी मंशा है कि श्री वर्मा के रिटायरमेंट के पूर्व आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाए। कंपनी की ओर से  सागर सीई को पत्र लिखकर जांच रिपोर्ट की स्थिति पर जवाब मांगा है। उनसे ये भी पूछा गया है कि अब तक जांच रिपोर्ट पेश क्यों नहीं की जा सकी। 

संपदा सराफ,एचआरए, पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी

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