जबलपुर। संकल्प, संयम और आस्था के प्रतीक करवा चौथ व्रत की सच्ची शक्ति निर्जल व्रत मानी जाती है। इस दिन पति की लंबी आयु और दाम्पत्य सुख के लिए निर्जला व्रत महिलाएं करती हैं। श्रद्धा, भक्ति और प्रेम का प्रतीक है व्रत से जीवन में सौभाग्य, समृद्धि और खुशहाली आती है। यह व्रत परिवार मे सदभाव, एकता और प्रेम बढाता है। शुक्रवार को इस व्रत का मुहूर्त एक घंटा 14 मिनट है। ज्योतिषाचार्य पंडित कामता तिवारी के मुताबिक करवा चौथ 10 अक्टूबर पूजन मुहूर्त शाम 05.57 बजे से 07.11 बजे तक पूजन अवधि 1 घंटा 14 मिनट है। चंद्ररोदय समय रात 08रू12 बजे होगा। व्रत आरंभ सूयोदय से निर्जला व्रत प्रारंभ किया जा सकेगा। व्रत पारण चंद्र दर्शन और अर्घ्य देने के बाद खोला जा सकेगा।
जबलपुर। संकल्प, संयम और आस्था के प्रतीक करवा चौथ व्रत की सच्ची शक्ति निर्जल व्रत मानी जाती है। इस दिन पति की लंबी आयु और दाम्पत्य सुख के लिए निर्जला व्रत महिलाएं करती हैं। श्रद्धा, भक्ति और प्रेम का प्रतीक है व्रत से जीवन में सौभाग्य, समृद्धि और खुशहाली आती है। यह व्रत परिवार मे सदभाव, एकता और प्रेम बढाता है। शुक्रवार को इस व्रत का मुहूर्त एक घंटा 14 मिनट है। ज्योतिषाचार्य पंडित कामता तिवारी के मुताबिक करवा चौथ 10 अक्टूबर पूजन मुहूर्त शाम 05.57 बजे से 07.11 बजे तक पूजन अवधि 1 घंटा 14 मिनट है। चंद्ररोदय समय रात 08रू12 बजे होगा। व्रत आरंभ सूयोदय से निर्जला व्रत प्रारंभ किया जा सकेगा। व्रत पारण चंद्र दर्शन और अर्घ्य देने के बाद खोला जा सकेगा।
